
लोकपाल सिंह भण्डारी
जोधपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जोधपुर जिले के सोढो की ढाणी, कालीबेरी निवासी मात्र 6 वर्षीय बाल प्रतिभा सिद्धार्थ सिंह पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहचान बना चुके हैं। जन्मे सिद्धार्थ वर्तमान में कक्षा द्वितीय के छात्र हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां उनकी उम्र से कहीं अधिक बड़ी हैं।

जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों तथा पत्थर उत्खनन प्रभावित इलाकों में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य सिद्धार्थ लगातार कर रहे हैं। बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच उनका संदेश है कि प्रकृति संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही वे भारतीय युवाओं में बढ़ते पाश्चात्य प्रभाव के बीच स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने का भी प्रयास कर रहे हैं।

उनका नाम राजस्थान बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एपेक्स इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा एक्सक्लूसिव वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज है।
कम उम्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले सिद्धार्थ सिंह आज पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के युवा प्रतीक के रूप में उभर रहे हैं।

Author: Aapno City News




