
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
निकटवर्ती ग्राम खंडेल में ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ “निर्माण संस्था, खंडेल (जयपुर) द्वारा ‘बालिका संसद (सत्र 2026- 27)’ के दूसरे अधिवेशन का सफल आयोजन रविवार, 31 मई 2026 को किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद सभी नवनिर्वाचित सांसदों और बालिकाओं के पूरे मंत्रिमंडल ने उत्साहपूर्वक अपना परिचय देकर एक-दूसरे से संवाद किया। निर्माण संस्था के निर्देशक रामेश्वर लाल वर्मा ने बताया कि अधिवेशन के पहले सत्र में संस्था की कार्यकर्ता श्रीमती अनीता देवी ने वर्ष 2018 से मार्च 2026 तक की सफल यात्रा का विवरण (रिपोर्ट कार्ड) प्रस्तुत किया।

आंकड़ों की यह झलक साफ बयां करती है कि संस्था ने धरातल पर कितना बड़ा बदलाव लाया है।
डिजिटल और व्यावसायिक शिक्षा 167 प्रतिभावान बालिकाओं को शैक्षणिक टैबलेट, 156 को RS-CIT कंप्यूटर कोर्स और 128 बालिकाओं को लाइब्रेरी जॉइनिंग से जोड़ा गया। 262 बालिकाओं को सिलाई मशीन और 23 बेटियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया गया।स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (सबसे बड़ी पहल)। पिछले 15 वर्षों से निरंतर हर महीने औसतन 600 जरूरत मंद बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिन दिए जा रहे हैं।

अब तक कुल 7,371 बालिकाओं को (प्रति माह 5 पीस) सेनेटरी नैपकिन वितरित किए जा चुके हैं।पोषण और राहत:2,536 बालिकाओं को राशन किट, 6,663 को दुपट्टा (स्टॉल), 46 नवजात बेटियों को झूला और 1,799 विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गई। साथ ही, 271 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण दिया गया (जिसमें से 42 महिलाएं अकेले वर्ष 2025 में लाभान्वित हुईं)।सांसदों को प्रोत्साहन: बालिका सांसदों को 150 टी-शर्ट और 318 बैग दिए गए, जबकि बैठकों के दौरान 22,876 बार चॉकलेट, बिस्किट और जूस का वितरण किया गया। इन ऐतिहासिक आंकड़ों को सुनकर पूरा सदन करतल ध्वनि (तालियों की गड़गड़ाहट) से गूंज उठा। सभी बालिका सांसदों ने इस जमीनी कार्य की सराहना की और इसे आगे भी जारी रखने का सामूहिक अनुरोध किया।
बालिका सांसदों की नई मांगें: ‘इंग्लिश स्पीकिंग’ और ‘मार्शल आर्ट’ पर जोर,दोपहर के सत्र में भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई, जहां ग्रामीण बेटियों ने खुलकर अपने विचार रखे और कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने रखे:
1स्पोकन इंग्लिश क्लासेज ग्रामीण स्तर पर जहां भी 20 या उससे अधिक बालिकाओं का समूह बने, वहां अंग्रेजी बोलचाल (English Speaking) सिखाने की व्यवस्था की जाए।
2.आत्मरक्षा (Self Defense) बेटियों की सुरक्षा और आत्मविश्वास के लिए समय-समय पर मार्शल आर्ट्स
और आत्मरक्षा के विशेष कैंप लगाए जाएं।
3. गतिविधियों का विस्तार वर्तमान में चल रहे बालिका संसद कार्यक्रम में कुछ और नई रचनात्मक गतिविधियां भी जोड़ी जाएं।
4. अल्पाहार की निरंतरता: हर दो महीने में होने वाली ग्रामीण बालिका बैठकों में बिस्किट, टॉफी या मिठाई जैसे अल्पाहार के वितरण को आगे भी जारी रखा जाए।

Author: Aapno City News



