
प्राकृतिक चिकित्सा से स्वस्थ रहने के मिले मंत्र।
फुलेरा (दामोदर कुमावत) स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, और इसी ध्येय को चरितार्थ करते हुए कस्बे में एक बेहद सराहनीय स्वास्थ्य पहल की गई। सरस्वती एजुकेशनल एंड Cultural रिसर्च सोसायटी एवं श्री बालाजी नैचुरो एंड फिजियो रिहैब क्लिनिक के संयुक्त तत्वाधान में एक निशुल्क थायराइड चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया।

शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने पहुँचकर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। बिना दवा, सही दिनचर्या से हराएं थायराइड, संस्था के अध्यक्ष डॉ. अविनाश दाधीच ने शिविर के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज के समय में थायराइड एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। शिविर के दौरान न केवल मरीजों की निशुल्क जांचें की गईं, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया गया कि कैसे वे अपनी दैनिक दिनचर्या, सही खान-पान (आहार) और प्राकृतिक जीवन शैली में बदलाव करके थायराइड व अन्य जटिल रोगों को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

इस सेवा यज्ञ में विशेष रूप से पधारे संत त्रिलोकीदास जी महाराज ने संस्था के प्रयासों की खुले दिल से सराहना की। महाराज श्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा “मैं स्वयं पिछले 10 वर्षों से भी अधिक समय से इस संस्था द्वारा लगाए जाने वाले शिविरों में निशुल्क सेवाएं ले रहा हूँ। संस्था हमारे फुलेरा क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से बहुत ही सराहनीय और अनुकरणीय कार्य कर रही है। मैं संस्था के सभी सदस्यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”

शिविर को सफल बनाने में रोशन चोयल, आरती सैन और यतींद्र सिंह सहित कई प्रबुद्ध जनों ने अपनी निस्वार्थ सेवाएं प्रदान कीं और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। शिविर के समापन पर स्थानीय नागरिकों ने संस्था का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की मांग की।

Author: Aapno City News



