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शिव महापुराण कथा में माता पार्वती जन्मोत्सव की छाई भक्ति की अलौकिक छटा

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कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जयकारों से गूंजा वातावरण
फुलेरा (दामोदर कुमावत)। स्टेशन रोड स्थित शिव मंदिर शीतल दास बाबा की बगीची में आयोजित संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन माता पार्वती जन्मोत्सव का अत्यंत भावपूर्ण, भक्तिमय एवं मनोहारी वर्णन किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” तथा “जय माता पार्वती” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा श्रवण करते नजर आए।


वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक जगदीश दास महाराज ने माता पार्वती के दिव्य अवतार का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जगत कल्याण एवं भगवान शिव को पुनः अर्धांगिनी रूप में प्राप्त करने के लिए आदिशक्ति ने हिमालय राज और माता मैना के घर पुत्री रूप में अवतार लिया। माता पार्वती के जन्म के साथ ही देवताओं में हर्ष की लहर दौड़ गई और समस्त दिशाएं मंगलमय हो उठीं।


महाराज ने कहा कि माता पार्वती त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट श्रद्धा की प्रतीक हैं। उनका जीवन प्रत्येक व्यक्ति को धर्म, धैर्य और भक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि माता पार्वती बचपन से ही तेजस्विनी, करुणामयी और धर्मपरायण थीं। ऋषि-मुनियों ने उनके दिव्य स्वरूप को पहचानते हुए भविष्यवाणी की थी कि वे भगवान शिव की अर्धांगिनी बनकर सृष्टि कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर माता पार्वती के जीवन प्रसंगों का श्रवण करते रहे। कथा स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।मुख्य यजमान इंद्रचंद करोड़ीवाल ने बताया कि श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की भावना से किया जा रहा है। कथा के माध्यम से लोगों में धार्मिक चेतना जागृत हो रही है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। युवा समाजसेवी कमलेश कुमावत ने बताया कि कथा को लेकर नगरवासियों में विशेष उत्साह बना हुआ है। आयोजन समिति एवं ग्रामवासी मिलकर व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं, जिससे पूरा आयोजन भव्य रूप ले रहा है। मंदिर समिति अध्यक्ष विष्णु कयाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने अधिकाधिक लोगों से कथा श्रवण कर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर इंद्रचंद करोड़ीवाल, मीना देवी, कमलेश कुमावत, राकेश कुमावत, अंजली, वर्षा, गुंजन, मानवी, दानिका, कानसिंह, बंशीलाल, छत्रपाल घोड़ेला, हनुमान मारोठिया, नवीन कीर्ति सिनवाल, गौरीशंकर प्रजापत, तारा सोनी एवं सुमित्रा सिंह नाथावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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