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संघर्ष से सफलता का शिखर। बिना पिता के साये के नेहा कुमावत ने रचा इतिहास । आरएएस में चयन पर गूंजा फुलेरा।

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फुलेरा (दामोदर कुमावत)
कहते हैं कि मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है फुलेरा की बेटी नेहा कुमावत ने। विपरीत परिस्थितियों और अभावों के बीच नेहा ने न केवल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में 599वीं रैंक हासिल की, बल्कि समाज के लिए एक नई मिसाल पेश की है। नेहा का सफर कांटों भरा रहा।

महज 16 वर्ष की उम्र में सिर से पिता खेमचंद कुमावत का साया उठ गया। घर में दुखों का पहाड़ टूटा, लेकिन नेहा ने हार मानने के बजाय अपनी मां और भाई-बहन की आंखों में छिपे सपनों को अपनी ताकत बनाया। नेहा बताती हैं, ‘हालात चाहे कितने भी कठिन हों, अगर पक्का इरादा और कड़ी मेहनत हो, तो सफलता कदम चूमती है।” इस लंबी लड़ाई में नेहा की मां बीना कुमावत सबसे बड़ी प्रेरणा बनीं। वहीं बहन तनु और भाई राहुल ने हर मोड़ पर नेहा का साथ दिया। ननिहाल पक्ष के मामा राधेश्याम और नानी का सहयोग कामयाबी का आधार बना ।

नेहा की ऐतिहासिक सफलता की खुशी में फुलेरा की सड़कों पर उत्सव जैसा माहौल रहा। रथ यात्रा का नजारा ऐसा था मानो पूरा शहर अपनी लाडली का स्वागत करने उमड़ पड़ा हो। ढाणी नागान से शुरू हुई यात्रा गार्ड कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी और मुख्य बाजारों से गुजरी। जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई और नेहा को माला, साफा व शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। डीजे पर गूंजते देशभक्ति और जीत के गीतों के बीच युवा झूम उठे। आसमान भव्य आतिशबाजी से सतरंगी हो गया।

श्री राम नगर बालाजी बगीची स्थित कुमावत समाज सामुदायिक भवन में समाज की ओर से आयोजित समारोह में भाजपा पदाधिकारी शिवजी राम कुमावत, राजेश सारडीवाल और किशनलाल भोड़ीवाल जैसे दिग्गजों एवं ननिहाल पक्ष एवं उपस्थित विशाल जैन समूह की ओर से नेहा का माला सफा सॉल एवं प्रतीक चिन्ह देकर मुंह मीठा करवा कर भव्य अभिनंदन किया गया वहीं अतिथियों द्वारा नेहा की सफलता को गौरव का क्षण बताया। वहीं शिक्षा क्षेत्र के बिहानी ग्रुप व हमारा समाचार की ओर से एक पदक भी भेंट किया गया। यह रथ यात्रा दादू नगर, बिचुन रोड, मुख्य बाजार, इंद्रा बाजार से  काचरोदा ग्राम और स्कूल की ढाणी तक पहुंची।

कुमावत क्षत्रिय विकास समिति और स्थानीय निवासियों ने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। कार्यक्रम का सफल संचालन दामोदर कुमावत ने किया, पूनम भोड़ीवाल, सुमन कुमावत, नेमीचंद, डॉक्टर पुखराज स्वामी सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में नेहा और उनके परिवार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं को संदेश दिया कि शिक्षा ही वह हथियार है जिससे दुनिया बदली जा सकती है।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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