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फुलेरा की ढाणी नागान की बेटी ने रचा इतिहास: नेहा कुमावत ने RAS में हासिल की 599वीं रैंक

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सीमित संसाधन, सेल्फ स्टडी और अटूट हौसले से बनीं प्रेरणा की मिसाल
फुलेरा (दामोदर कुमावत)।
फुलेरा के ग्रामीण क्षेत्र की बेटी नेहा कुमावत ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर वह मुकाम हासिल किया है, जो आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है। ढाणी नागान निवासी नेहा कुमावत ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में 599वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे फुलेरा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


नेहा की यह सफलता केवल एक परीक्षा में उत्तीर्ण होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास और धैर्य की एक प्रेरणादायक कहानी है। वर्ष 2013 में पिता खेमचंद कुमावत, जो रेलवे में CLI पद पर कार्यरत थे, के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उस समय नेहा मात्र 16 वर्ष की थीं, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय अपने सपनों को और मजबूत किया।


उनकी माता बीना कुमावत ने कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी बेटी को हर कदम पर प्रेरित करते हुए आगे बढ़ाया। बहन तनु और भाई राहुल का सहयोग भी नेहा की सफलता में अहम रहा। नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, फुलेरा से प्राप्त की, जहां से उनके सपनों की नींव रखी गई।


नेहा बताती हैं कि उन्होंने कोचिंग पूरी करने के बाद घर पर रहकर सेल्फ स्टडी का रास्ता अपनाया और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहीं। उनका मानना है कि “हालात कभी भी आपके सपनों से बड़े नहीं होते। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, इरादा मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता निश्चित मिलती है।”
उनकी इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि सफलता के लिए बड़े शहरों या महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि सही दिशा, अनुशासन और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है।


नेहा की सफलता की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और उनके घर पहुंचकर सम्मान किया। मातृशक्ति ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
भावुक होकर उनकी माता बीना कुमावत ने कहा, “हमें हमेशा विश्वास था कि हमारी बेटी एक दिन जरूर कुछ बड़ा करेगी, आज उसने वह विश्वास सच कर दिखाया।”
आज नेहा कुमावत हर प्रतियोगी छात्र-छात्रा, विशेष रूप से बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर जुनून सच्चा हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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