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सूर्यनगरी में आस्था का भव्य अध्याय: श्रीयादे धाम बनेगा राष्ट्रीय पहचान का केंद्र


जोधपुर (तेजाराम लाडणवा)

सूर्यनगरी जोधपुर स्थित झालामंड में प्रजापति (कुम्हार) समाज की आराध्य देवी भक्त शिरोमणि श्री श्रीयादे माता जी के पावन धाम को अब नई पहचान मिलने जा रही है। राजस्थान सरकार ने बजट सत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से श्रीयादे धाम में भव्य पैनोरमा एवं श्री श्रीयादे माता प्रजापति कॉरिडोर निर्माण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा की गई इस घोषणा के बाद समाज में हर्ष और गौरव की लहर दौड़ गई है।
करीब 100 बीघा भूमि पर विकसित श्रीयादे धाम पहले से ही समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। अब पैनोरमा और आधुनिक कॉरिडोर के निर्माण से यह स्थल केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रजापति समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सशक्त करेगा। समाजजनों का मानना है कि यह निर्णय वर्षों की श्रद्धा और सामूहिक अपेक्षाओं का सम्मान है।
जन्म महोत्सव में उमड़ता है जनसैलाब
हर वर्ष भक्त शिरोमणि श्री श्रीयादे माता के जन्म महोत्सव पर जोधपुर में भव्य शोभायात्रा निकलती है, जिसमें एक लाख से अधिक समाज बंधु देशभर से शामिल होते हैं। यह आयोजन समाज की एकता, आस्था और संगठन शक्ति का प्रतीक बन चुका है। कॉरिडोर निर्माण के बाद ऐसे आयोजनों को और भव्य स्वरूप मिलने की संभावना है।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी पहचान
प्रजापति/कुम्हार समाज भारत के कोने-कोने में निवास करता है और देशभर में इसकी बड़ी जनसंख्या है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह परियोजना केवल एक धार्मिक ढांचा नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनेगी।
समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल तथा जोधपुर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का भी आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय समाज की भावनाओं और विश्वास का सम्मान है।
प्रतिनिधित्व की भी अपेक्षा
समाज बंधुओं ने यह भी अपेक्षा जताई है कि पंचायत राज संस्थाओं, नगर पालिका, नगर निगम और विधानसभा क्षेत्रों में प्रजापति समाज को उचित प्रतिनिधित्व मिले। उनका मानना है कि समाज की व्यापक उपस्थिति और लोकतांत्रिक योगदान को देखते हुए विकास की मुख्यधारा में भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
120 करोड़ की यह सौगात श्रीयादे धाम को भव्यता प्रदान करने के साथ-साथ आने वाले समय में इसे राष्ट्रीय स्तर के तीर्थ और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सूर्यनगरी की यह धरती अब आस्था, गौरव और विकास के नए अध्याय की साक्षी बनने जा रही है।

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