
फुलेरा (दामोदर कुमावत) राजस्थान की ऐतिहासिक धरा सांभर में आस्था और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। संतों-महंतों के पावन सानिध्य में चार दिवसीय गौ सम्मान समारोह का शुभारंभ एक विशाल और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पूरा क्षेत्र ‘गौ माता’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया। कलश यात्रा का शुभारंभ कटला गार्डन में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

2100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर अनुशासन और भक्ति की मिसाल पेश की।
जीवंत झांकी यात्रा में एक विशेष रथ पर गौ माता की जीवंत झांकी सजाई गई, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
रास्ते भर समाज सेवियों और आमजन ने श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया।इस आध्यात्मिक यात्रा में पंचमुखी बालाजी के संत विपिन दास महाराज, सुरेंद्र गिरी महाराज और कंचन दीदी की गरिमामयी उपस्थिति ने शोभा बढ़ा दी।

गट्टानी गार्डन पहुँचने पर संतों और कंचन दीदी ने अपनी वाणी से भजनों की ऐसी अमृत वर्षा की कि उपस्थित भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। आयोजक डॉ. पुखराज स्वामी ने सभी संतों का माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया।

धर्म के साथ-साथ शिक्षा और सेवा को भी इस मंच पर सम्मान मिला। उप जिला कलेक्टर ऋषि राज कपिल ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में चयनित क्षेत्र के गौरव सीताराम चौधरी और नेहा कुमावत का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर विशेष सम्मान किया। यह समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक बड़ा अभियान है।

25 व 26 अप्रैल गट्टानी गार्डन में भव्य ‘गौ कथा’ का आयोजन होगा।27 अप्रैल (महासंग्राम) गौ माता को राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए एक विशाल राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा। इस दिन हजारों लोग एकजुट होकर उपखंड अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम प्रार्थना पत्र सौंपेंगे।

Author: Aapno City News




