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नागौर में पत्रकारों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन  वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह प्रकरण में निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

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नागौर, तेजाराम लाडणवा

वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह के रेस्टोरेंट पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को नागौर में पत्रकारों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन Indian Federation of Working Journalists (आईएफडब्ल्यूजे) की जिला इकाई द्वारा जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में दिया गया।
मनमानी कार्रवाई का आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के विरुद्ध जैसलमेर में की गई प्रशासनिक कार्रवाई न केवल संदिग्ध है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
पत्रकारों का आरोप है कि वर्ष 2004 से विधिवत अनुमति और निर्धारित किराए पर संचालित रेस्टोरेंट को बिना स्पष्ट लिखित आदेश के खाली करने के निर्देश दिए गए। न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद गैस सिलेंडर जब्ती, किचन सील, लाइसेंस नवीनीकरण रोकने और अंततः 18 फरवरी को भारी पुलिस बल के साथ सीलिंग जैसी कार्रवाइयाँ की गईं।
मुख्यमंत्री से की ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि—
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
जांच पूरी होने तक संबंधित प्रशासनिक कार्रवाइयों पर रोक लगाई जाए।
दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह की आजीविका की पुनर्स्थापना और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पत्रकारों में रोष, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील
जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक रेस्टोरेंट का नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा से जुड़ा है। यदि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारों पर इस प्रकार की कार्रवाई होगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के अनेक पत्रकार उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी एवं न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल ज्ञापन भेजे जाने के बाद प्रशासन और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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