
रूण फखरूदीन खोखर
आस-पास के गांवों में चौपाल के माध्यम से प्रवेश के लिए किया जागरूक
रूण.ग्रामीण अंचल की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रूण द्वारा गुरुवार और शुक्रवार को एक विशेष प्रिपरेटरी कैंप (जागरूकता अभियान) का आयोजन किया गया।

इस अभियान के तहत विद्यालय स्टाफ ने प्रधानाध्यपिका सरोज शर्मा के नेतृत्व में रूण क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सघन जनसंपर्क किया और बालिकाओं के छात्रावास में प्रवेश के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया।नोडल प्रधानाचार्य गणपतराम और प्रधानाध्यापिका सरोज शर्मा के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने घर-घर और गांव-गांव जाकर शिक्षा की अलख जगाई। टीम ने भटनौखा, असावरी, धवा,असावरी,भदोरा, चिताणी,सैनणी, हिलोडी,शंंखवास और ग्वालू सहित कई गांवों का दौरा किया।

*गवाड़ो और स्कूलों में लगी चौपालें*
शिक्षिका प्रीति कुलश्रेष्ठ , सीमा शर्मा और प्रियंका ने इन गांवों के स्थानीय विद्यालयों और गवाड़ (सार्वजनिक स्थानों/हथाई) में ग्रामीणों के साथ चौपालें लगाईं। इन चौपालों में विशेषकर माताओं और अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। शिक्षिकाओं ने ग्रामीणों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय रूण में राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए उपलब्ध करवाई जा रही पूर्णतः निःशुल्क सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
*सभी सुविधाओं की दी जानकारी*

वर्ष 2006 से कार्यरत इस आवासीय विद्यालय में 175 बालिकाए अध्यनरत है। इसमें कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए सुरक्षित और उत्तम आवासीय सुविधा, पौष्टिक भोजन, स्कूल बैग, किताबें, गणवेश, जूते और दैनिक उपयोग की सभी सामग्री (साबुन, तेल आदि) पूरी तरह से मुफ्त दी जाती है। साथ ही कक्षा 11 व 12 में कला और विज्ञान संकाय में अनुभवी व्याख्याताओं द्वारा शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है। वही साल में एक या दो बार आर्थिक भ्रमण के तहत छात्रों को घूमने के लिए ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है।
शाला प्रधानाध्यपिका ने संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना आज के समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षिकाओं द्वारा आत्मीय संवाद और प्रेरणादायी बातों का ग्रामीणों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
इस प्रिपरेटरी कैंप को स्थानीय ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिला। चौपालों में दी गई जानकारी से प्रेरित होकर कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों का प्रवेश विद्यालय में करवाने के प्रति भारी उत्साह दिखाया है। यह अभियान क्षेत्र में बालिका शिक्षा के स्तर को सुधारने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Author: Aapno City News



