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युवा शक्ति का संकल्प खेल के मैदान से घर-घर तक पहुँचेगा योग और ‘षटक्रिया’ का संदेश।

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फुलेरा (दामोदर कुमावत)
दिल्ली के युवाओं ने भारतीय सनातन संस्कृति और प्राचीन योग विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) में आयोजित एक विशेष सत्र में युवाओं ने योग की बारीकियों को सीखा और इसे समाज में प्रचारित करने का संकल्प लिया।”तनाव मुक्त खेल और योग का संगम” यूथ फेडरेशन के प्रमुख और NSNIS पटियाला से प्रमाणित शूटर रविंद्र सिंह राठौड़ ने खेल की दुनिया में योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा:  “योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारता है,

बल्कि खिलाड़ियों के लिए एक तनाव-मुक्त माहौल भी तैयार करता है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।”
योग मास्टर गौरव वैद्यवान के मार्गदर्शन में युवाओं ने योग के गूढ़ विषयों पर चर्चा की। इस सत्र में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
षटक्रिया:शरीर की आंतरिक शुद्धि की प्राचीन तकनीकें।
त्रिगुण और त्रिदोष: आयुर्वेद और योग के आधार पर शरीर की प्रकृति को समझना।
नाड़ी शोधन प्राणायाम: मानसिक शांति और ऊर्जा के संतुलन का अभ्यास।


इस संकल्प यात्रा में अस्मिता मीणा, सोनू मंडल, पिंकी कुमारी, नितिन सोनी, अमित, सरोज शर्मा, पूनम शर्मा, शिवानी यादव, पूनम रावत, रघुराज और विभा सिंह सहित कई उत्साही युवाओं ने भाग लिया। इन सभी ने संकल्प लिया कि वे योग को न केवल अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे, बल्कि अन्य युवाओं को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। क्योंकि आज के दौर में जहाँ युवा मानसिक तनाव और जीवनशैली की बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहाँ रविंद्र सिंह राठौड़ जैसे खिलाड़ियों और गौरव वैद्यवान जैसे विशेषज्ञों का साथ आना एक नई क्रांति की शुरुआत है। 1. प्राचीन ज्ञान, आधुनिक एप्रोच:षटक्रिया जैसी लुप्त होती विधाओं को युवाओं तक पहुँचाना 2.अनुशासन:खेल और योग का तालमेल  3. सांस्कृतिक गौरव: सनातन संस्कृति के प्रति युवाओं का बढ़ता झुकाव।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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