
बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़, रोकना जरूरी : न्यायाधिकारी
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशन पर अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) माधवी दिनकर, जिला जयपुर एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्र.सं. 1) अरविन्द कुमार जांगिड़ के निर्देशन में भानुप्रिया सेहरा न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय सांभर लेक द्वारा शनिवार को आइडियल इंटरनेशनल सैकेंडरी स्कूल, फुलेरा में बाल विवाह निषेध अभियान, नशीली दवाओं के प्रति जागरूकता और नशा मुक्त भारत योजनाओं पर स्वास्थ्य मार्गदर्शन के लिए विधिक जानकारी दी।

ग्राम न्यायाधिकारी भानुप्रिया सेहरा ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना हम सब की सामुहिक जिम्मेदारी है। सचिव तालुका विधिक सेवा समिति रणजीत सिंह राठौड़ व लिगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्प लाइन 15100, साईबर हैल्प लाईन 1930 एवं गरिमा हैल्प लाईन 1090 से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय चेयरमैन डॉ अशोक सोमानी ने जानकारी देते हुए कहा कि नाबालिग लड़के लड़कियों का विवाह कानूनी अपराध है और इससे शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जैसे कच्ची मिट्टी का घड़ा पानी भरते ही टूट जाता है, वैसे ही बाल विवाह बच्चों के सपनों को तोड़ देता है।

विद्यालय प्रिंसिपल नेहा शर्मा ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर जानकारी देते हुए कहा कि यह समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में बाधा है। शिक्षा, कार्य कुशलता एवं आत्मनिर्भरता के अभाव में, शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर पीढ़ी का जन्म होता है। इस कार्यक्रम में पैरा लिगल वोलेंटियर शंकर लाल छंदवाल, विद्यालय स्टाफ आदि उपस्थित रहे।

Author: Aapno City News





