
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
अपनी मिट्टी और ईष्ट के प्रति समर्पण कैसा होता है, यह कंपनी(मध्य प्रदेश) में बसे नरैना के मूल निवासी ‘विनोद तेला’ ने कर दिखाया है। चार दशक पहले व्यापार के लिए गांव छोड़ने के बावजूद कुंभ तलाई वाले बालाजी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा ने आज मंदिर का काया कल्प कर दिया है।

विनोद तेला ने अपनी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा समाज और धर्म को समर्पित करते हुए मंदिर में करीब 11 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए हैं। इसमें मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण और हाल ही में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगवाया गया भव्य मुख्य दरवाजा शामिल है। इस बार हनुमान जन्मोत्सव पर केवल धार्मिक उल्लास बल्कि एक बड़े खुलासे का गवाह भी बना।

अब तक लोग समझते थे कि हनुमान जन्मोत्सव पर आयोजन विनोद तेला के काका द्वारा किए जाते थे, लेकिन इस वर्ष जब विनोद तेला ने स्वयं समाज बंधुओं को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया, तो वह भ्रम टूट गया। असल में सालों से इन आयोजनों की सेवा विनोद तेला ही चुपचाप कर रहे थे। अच्छे कार्यों के साथ अक्सर चुनौतियां भी आती हैं। खबर है कि इस बदलाव और लोकप्रियता से आहत होकर उनके सिरफिरे चचेरे भाई ने सोशल मीडिया (माहेश्वरी समाज ग्रुप) पर अभद्र टिप्पणियां कर अपने परिवार के संस्कारों से माहेश्वरी समाज बंधुओं को अवगत करा दिया।

हालांकि समाज के प्रबुद्ध लोगों ने इसे ‘मानसिक संकीर्णता’ करार देते हुए विनोद तेला के नेक कार्यों की सराहना की है। नरैना की जनता और नरैना माहेश्वरी समाज आज विनोद तेला के सेवा भाव और मंदिर के नए स्वरूप को देखकर गौरवान्वित है। पूजा अर्चना कार्यक्रम के बाद आमंत्रित श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की।

Author: Aapno City News




