
🖊 तेजाराम लाडणवा
जल संकट की बढ़ती चुनौती के बीच विश्व जल दिवस के अवसर पर खेडूली गांव में ग्रामीणों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विशेष रूप से दादू पंथी संत संत पुरखाराम महाराज की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम में करूणालय सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की परियोजना समन्वयक सुश्री पूजा मंडल ने कहा कि वर्तमान और भविष्य के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना मानव जीवन की कल्पना भी कठिन हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण से सामाजिक संतुलन भी मजबूत होता है और महिलाओं को पानी लाने के बोझ से राहत मिलती है।
फाउंडेशन की निदेशक सुश्री पूनम सिंह ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ वर्षाजल संचयन की पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। उन्होंने “सामुदायिक जल बैंक” बनाने पर जोर देते हुए कहा कि गांव स्तर पर जल संग्रहण की सुदृढ़ व्यवस्था ही भविष्य की जल समस्या का स्थायी समाधान है।
इस दौरान संत पुरखाराम जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “जल ही जीवन का आधार है, इसकी एक-एक बूंद का संरक्षण करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।” उन्होंने लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहते हुए जल बचाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
सरपंच गोविंद सिंह सिरोही ने भी पानी बचाने पर जोर देते हुए कहा कि फाउंडेशन द्वारा नाड़ी, तालाब एवं भूमिगत टांकों का निर्माण कार्य सराहनीय है और इससे गांव को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता रेवंत सिंह ने किया। इस अवसर पर भीम सिंह, भंवर सिंह, रामसुख और शंकरपुरी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में 35 से अधिक महिलाएं, पुरुष एवं बच्चों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की जानकारी अर्जुन सिंह, पीआरओ, करूणालय सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा दी गई।


Author: aapnocitynews@gmai.com




