
पर्यावरण प्रेमियों ने होली पर्व पर बांधे परिंडे।
“मूकबधिर पक्षियों की सेवा ही मानव धर्म” – आशा गुप्ता
फुलेरा (दामोदर कुमावत)। रंगों के महापर्व होली एवं विश्व वन्य जीव दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार को रेलवे इंस्टिट्यूट परिसर में पर्यावरण संरक्षण और पक्षी सेवा का प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला।

पर्यावरण प्रेमियों ने मूकबधिर पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिंडे बांधकर दाना-पानी की समुचित व्यवस्था की तथा उनके नियमित रख- रखाव की जिम्मेदारी भी अपने हाथों में ली। पर्यावरण व पक्षी प्रेमी एडवोकेट नंदकिशोर जायसवाल (मिक्की) के नेतृत्व में टीम ने सुबह रेलवे इंस्टिट्यूट परिसर में लगे पेड़ों पर दर्जनभर परिंडे लगाए। इस अवसर पर कृष्ण चंद्र दाधीच, श्रवण लाल, नीरज गुप्ता, महेश फ्रीज, दामोदर कुमावत, राव राघवेंद्र सिंह, अजय छाबड़ा, पुष्पेंद्र सैनी, एडवोकेट संदीप डेविड, जयंत पायलट, आशा गुप्ता एवं प्रियंका शर्मा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर रेलवे इंस्टिट्यूट एवं क्रीड़ा स्थलों पर पेड़ों में परिंडे बांधे तथा पक्षियों के लिए दाने की भी विशेष व्यवस्था की।

इस दौरान एडवोकेट नंदकिशोर जायसवाल ने उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलाई कि वे लगाए गए परिंडों में नियमित रूप से स्वच्छ जल एवं दाना भरेंगे और पक्षियों की सेवा को निरंतर जारी रखेंगे। इस सेवा कार्य में आशा गुप्ता एवं प्रियंका शर्मा ने कहा कि ईश्वर ने मानव को बोलने और सुनने की शक्ति दी है, जबकि पक्षी मूक और बधिर होते हैं।

उनकी सेवा करना, उन्हें दाना-पानी उपलब्ध कराना और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना ही सच्चे अर्थों में मानव धर्म और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि पक्षी और जीव-जंतु अपनी पीड़ा न तो कह सकते हैं और न ही सुन सकते हैं, ऐसे में उनकी देख भाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज को पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया। होली जैसे उत्सव पर रंगों के साथ-साथ सेवा और संवेदना के रंग भी बिखेरते इस आयोजन की क्षेत्रवासियों ने सराहना की।

Author: Aapno City News




