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मीरा की नगरी मेड़ता में गुरु रविदास जयंती पर प्रदेश स्तरीय संगोष्ठी, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समरसता का आह्वान

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मेड़ता सिटी (तेजाराम लाडणवा)
विश्व प्रसिद्ध प्रेम दीवानी मीराबाई की जन्मस्थली मेड़ता सिटी में उनके गुरु, महान संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 649वीं जयंती के अवसर पर श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ राजस्थान के तत्वावधान में प्रदेश कार्य समिति बैठक एवं प्रदेश स्तरीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन मेड़ता सिटी स्थित मेघवाल छात्रावास परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन में प्रदेशाध्यक्ष सोहनलाल भदवासिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता चुन्नीलाल राजस्थानी (नई दिल्ली), वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर लाल मेहड़ा, सामाजिक समन्वय की प्रदेश अध्यक्ष मोनिका मंडावरा, प्रदेश महामंत्री गणेशराम तालनिया, प्रदेश कोषाध्यक्ष धर्माराम देवाल, जिलाध्यक्ष बाबूलाल बोरा, प्रदेश मंत्री कपिल देव, बगदाराम बारुपाल, शिवरतन वाल्मीकि वरिष्ठ समाजसेवी शिवदान राम मेघ, मुक्तिलाल नागोरा, सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिथियों का माला, साफा एवं सम्मान प्रतीक भेंट कर स्वागत किया गया।
चुन्नीलाल राजस्थानी ने शिक्षा और आत्मविश्वास पर दिया जोर
दिल्ली से आए श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय प्रवक्ता चुन्नीलाल राजस्थानी ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास, कबीर साहब और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों का मूल उद्देश्य समाज को समानता और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि जयंती मनाने से अधिक आवश्यक है कि हम इन महापुरुषों के विचारों को अपने व्यवहार और जीवनशैली में उतारें।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, आत्मविश्वास मजबूत करने और डिजिटल भटकाव से दूर रहकर लक्ष्य केंद्रित जीवन अपनाने का आह्वान किया।
शंकर लाल मेहड़ा बोले— अंधविश्वास और जातिवाद से मुक्ति जरूरी
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर लाल मेहड़ा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं सामाजिक अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के विरुद्ध थीं। उन्होंने कहा कि बाहरी आडंबरों और कर्मकांडों से ऊपर उठकर आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है। समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब व्यक्ति मानसिक रूप से स्वतंत्र और तर्कशील बने।
मोनिका मंडावरा ने महिलाओं और बेटियों की भूमिका पर डाला प्रकाश
मोनिका मंडावरा ने कहा कि समाज

की प्रगति में महिलाओं और बेटियों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, प्रशासन और विभिन्न प्रतियोगी क्षेत्रों में बेटियां उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, जो सामाजिक बदलाव का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने समाज से बेटियों को समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देने का आग्रह किया।
संगठनात्मक चर्चा व नियुक्तियां
प्रदेशाध्यक्ष सोहनलाल भदवासिया ने प्रदेश कार्य समिति बैठक को संबोधित करते हुए संगठनात्मक विषयों, आगामी कार्ययोजना और सामाजिक विस्तार पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर नव नियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए तथा सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शिवदान मेघवाल, हनुमान राम मेहरा, रुपाराम तंवर, तेजाराम तालेपा, वाल्मीकि समाज अध्यक्ष चिमन जावा, खटीक समाज अध्यक्ष गुलाबचंद तोसावड़ा, जगदीश सोलंकी एवं नवनियुक्त तहसील अध्यक्ष प्रदीप भरोला सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
शोभायात्रा व प्रसादी वितरण
गुरु रविदास महाराज की भव्य शोभायात्रा आयोजन स्थल पर पहुंचने पर पुष्पवर्षा, आरती एवं स्वागत किया गया। शोभायात्रा के बाद प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का आयोजक एवं मंच संचालन प्रदेश कोषाध्यक्ष धर्माराम देवाल द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, समाजजनों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम संत रविदास एवं मीराबाई के आदर्शों पर चलकर समतामूलक, शिक्षित और संगठित समाज निर्माण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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