

नागौर तेजाराम लाडणवा
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में नागौर के मानसर चौराहे पर स्थित जिला जनसंपर्क कार्यालय में दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ 14 नवम्बर को जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी 14 एवं 15 नवम्बर को आमजन, विद्यार्थी वर्ग तथा इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खुली रहेगी।
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ मनीष जैन ने बताया कि इस प्रदर्शनी में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, कार्यों, संघर्षों तथा समाज एवं जनजातीय उत्थान में उनके योगदान को दर्शाया जाएगा। बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातू गाँव में हुआ था। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर स्वतंत्रता संग्राम में अमिट योगदान दिया। ‘उलगुलान’ अर्थात् महान जनविद्रोह के जनक बिरसा मुंडा ने अल्पायु में ही समाज सुधार, शिक्षा, धार्मिक जागरण एवं आत्मगौरव की भावना को बल प्रदान किया। उन्होंने शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध आवाज उठाई और आदिवासी समाज में एकता व स्वाभिमान की ज्योति प्रज्वलित की।
प्रदर्शनी में उनके जीवन से संबंधित दुर्लभ चित्र, दस्तावेज़, साहित्यिक सामग्री तथा उनके विचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा देना तथा उनके आदर्शों और बलिदान की भावना को समाज में प्रसारित करना है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय नागौर ने सभी नागरिकों, विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इस दो दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन अवश्य करें और भगवान बिरसा मुंडा के प्रेरणादायी जीवन से परिचित होकर उनके संघर्षों से सीख लें।

Author: aapnocitynews@gmai.com





