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हरसिद्धि हनुमान मंदिर पर शिव पुराण कथा में सती चरित्र वर्णन।

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कथा में मुख्य आकर्षण जीवंत श्रीकृष्ण चक्र मयूर नृत्य रहा।
आज कथा में शिव- सती विवाह प्रसंग में भूत-प्रेत होंगे बाराती।
फुलेरा (दामोदर कुमावत) कस्बे की सियाराम बाबा की बगीची हरसिद्धि हनुमान मंदिर परिसर में मोनी बाबा एवं महंत त्रिलोकी दास महाराज के सानिध्य में चल रहे महानग्रंथ शिव पुराण कथा में गुरुवार को प्रयाग राज से पधारे व्यास पीठ पर संत श्री कृष्णदेव महाराज के मुखारविंद से संगीत मय,लयबद एवं प्रसंग अनुसार विवेचना कर जन मानस श्रद्धालु भक्तों के जहांन में उतारकर भगवत स्मरण की चेष्टा जागृत कर उन्होंने शिव पुराण में सती चरित्र कथा का मार्मिक रूप से वर्णन करते हुए बताया कि

त्रेता युग के दंडक वन में भगवान श्री राम जगत जननी जानकी माता के साथ वन अवधि में थे तभी रावण ने सीता माता का हरण कर लिया उस समय भगवान शंकर माता सती के बीच के प्रसंग जिसमें शिव शंकर भगवान श्री राम को जप रहे हैं और माता सती यह देखकर विचलित हो रही थी की श्री राम को चराचर के स्वामी नाम जप कर रहे हैं इसमें सती का भ्रम देखकर भगवान की लीला का व्यास पीठ से संत कृष्ण देव महाराज ने इस मार्मिक प्रसंग का बखान किया जिसे सुनकर उपस्थित महिला  पुरुषों ने जय घोष किये।

संत कृष्ण देव ने शुक्रवार को शिव शंकर और सती विवाह प्रसंग को प्रस्तुति देंगे, जबकि शिव पुराण कथा में वृंदावन से पधारे मोनू व्यास ने श्री कृष्ण का संजीव चित्रण रूप धरकर मयूर, चक्र नृत्य की जबरदस्त प्रस्तुति दी जिसे देख उपस्थित नर नारी झूम उठे। सांय 5:00 श्री शिव पुराण एवं श्री कृष्ण जी की महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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