[darkmysite switch="1" width_height="45px" border_radius="30px" icon_width="20px" light_mode_bg="#121116" dark_mode_bg="#ffffff" light_mode_icon_color="#ffffff" dark_mode_icon_color="#121116"]

फुलेरा तहसील केहिरनोदा में रेलवे गति शक्ति योजना के तहत कंपनी टर्मिनल बना रही है।

SHARE:


कार्गो टर्मिनल को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश दस गुना पेड़ लगाने की शर्त पर रेलवे- प्रोजेक्ट को मंजूरी।
अबतक कम्पनी द्वारा 4178 पेड़ लगाए जा चुके हैं..                                              फुलेरा (दामोदर कुमावत)  हाई कोर्ट ने रेलवे की गति शक्ति योजना के तहत रेलवे के मल्टी कार्गो टर्मिनल प्रोजेक्ट के लिए कुल 617 पेड़ काटने की अनुमति दी है, लेकिन इनके बदले10 गुना पेड़ लगाने होंगे।

न्यायाधीश इंद्रजीतसिंह व न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ ने मेरिडियन फाउंडेशन की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया । सुनवाई के दौरान राज्य सरकार कीओर से कहाकि  वन विभाग और राजस्व विभाग से एनओसी जारी हो चुकी है। राज्य सरकार ने एनओसी में काटे जाने वाले पेड़ों के बदले पांच गुणा पेड़ लगाने की शर्त  पर यह एनओसी दी है। वहीं रेलवे ने कहा कि 4  जुलाई को संबंधित ए डी एम ने दस फीट ऊंचाई के पांच गुणा पेड़ लगाने की शर्त पर प्रोजेक्ट के लिए
पेड काटने की अनुमति दे दी है।

दरअसल,जयपुर की सांभर-फुलेरा तहसील के हिरनोदा में रेलवे की गति शक्ति योजना के तहत हस्ती पेट्रो केमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड मल्टी कार्गो टर्मिनल बना रही है। उधर कम्पनी के द्वारा अब तक 4178 पेड़ पूर्व में लगाए भी जा चुके हैं। शेष 1992 पेड़ लगाए जाने हेतु प्रक्रिया प्राथमिकता से जारी है,एवं146पौधेलगाए भी जाचुके है,शीघ्र हीलक्ष्य के अनुसार शेष 1846 से अधिक पेड़ लगाकर 6170 का निर्धारित लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। परियोजना का महत्व : यह मल्टी कार्गोटर्मिनलजयपुर केसांभर-फुलेरा क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और रेलवे की गति शक्ति योजना का हिस्सा है। परियोजना का विकास हस्ती पेट्रोकेमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। परियोजना से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स क्षमता में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
अदालत का दृष्टिकोण : हाईकोर्ट का यह फैसला विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल परियोजना को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Aapno City News
Author: Aapno City News

Join us on:

Leave a Comment

शहर चुनें

Follow Us Now

Follow Us Now