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मेड़ता विधानसभा में मेडिकल बंद का व्यापक असर, दवाओं के लिए भटके मरीज

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ऑनलाइन दवा बिक्री व कॉर्पोरेट छूट नीति के विरोध में निकाला जुलूस, प्रधानमंत्री- मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
🖊️ तेजाराम लाडणवा
अखिल भारतीय केमिस्ट एवं दवा विक्रेता संघ राजस्थान के आह्वान पर बुधवार को मेड़ता सिटी एवं रिया बड़ी क्षेत्र में आयोजित 24 घंटे के मेडिकल बंद का व्यापक असर देखने को मिला। ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉर्पोरेट कंपनियों की भारी छूट नीति तथा नकली दवाओं के विरोध में दवा व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। बंद के चलते मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए दिनभर इधर-उधर भटकते नजर आए।
मेड़ता केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले सुबह पुराने अस्पताल परिसर में दवा व्यापारी एकत्रित हुए। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। जुलूस पुराना हॉस्पिटल, चारभुजा चौक, गांधी चौक, बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ उपखंड कार्यालय पहुंचा। यहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं रिया बड़ी उपखंड कार्यालय में भी ज्ञापन देकर मांगों से अवगत कराया गया।
दवा व्यापारियों ने ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, कॉर्पोरेट कंपनियों की भारी डिस्काउंट नीति बंद करने तथा नकली दवाइयों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कंपनियों की छूट नीति के कारण छोटे दवा व्यापारियों का व्यवसाय लगातार प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना उचित निगरानी के दवाओं की बिक्री आमजन के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है।
प्रदर्शन के दौरान जीएसआर 817 दिनांक 28 अगस्त 2018 एवं कोविड काल में लागू जीएसआर 220 दिनांक 26 मार्च 2020 को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को दवा व्यापारियों एवं मरीजों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के बाद अग्रवाल भवन में सभा आयोजित हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने व्यापारियों को संबोधित किया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार समय रहते मांगों का समाधान नहीं करती है तो प्रदेश एवं राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर आगे भी आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान शहर के कई चिकित्सकों ने भी दवा विक्रेताओं की मांगों को जायज बताते हुए समर्थन दिया। बंद को लेकर मेड़ता, रिया बड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों के मेडिकल संचालकों में व्यापक एकजुटता देखने को मिली।

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