
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
भारतीय रेल के बेड़े में अब सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि ‘ओलंपिक स्तर’का जज्बा भी दौड़ रहा है!उत्तर पश्चिम रेलवे (जयपुर मंडल) के होनहार खिलाड़ी यशवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ खेल 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने भाले (Javelin) की सधी हुई थ्रो के साथ कांस्य पदक (Bronze Medal) पर निशाना साधा और तिरंगा लहरा दिया।

टिकट विंडो से पोडियम तक का सफर
कौन कहता है कि ड्यूटी की व्यस्तता सपनों के बीच आती है? वाणिज्य सह टिकट क्लर्क (CCTC), किशनगढ़ स्टेशन (जयपुर मंडल) ने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक)कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता।
दिन में यात्रियों के सफर को आसान बनाने वाले यशवीर ने मैदान में उतरकर भारत के खेल जगत के सफर को एक नई ऊंचाई दी है। उनके अनुशासन, पसीने और अथक मेहनत ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।किसी भी महान एथलीट के पीछे मार्गदर्शक की दूरदर्शिता होती है। यशवीर की इस स्वर्णिम कामयाबी के पीछे उनके कोच राय सिंह की दिन-रात की मेहनत और सटीक रण नीतियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

गुरु-शिष्य की इस जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का डंका बजा दिया है।”यह सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की निष्ठा और देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।” इस ऐतिहासिक जीत पर पूरा उत्तर पश्चिम रेलवे परिवार और देशवासी गर्व महसूस कर रहे हैं। यशवीर सिंह को इस शानदार उपलब्धि के लिए ढेरों बधाइयां! हम उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और भी ऊंचे कीर्तिमान स्थापित करने की कामना करते हैं।

Author: Aapno City News




