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18 वर्षों बाद टूटी बेड़ियां, सानू देवी को मिला सम्मानजनक जीवन का अधिकारजिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मानवीय पहल, मानसिक रूप से बीमार महिला को जोधपुर भेजा निःशुल्क उपचार के लिए

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मेड़ता सिटी
🖋 तेजाराम लाडणवा
मानवता और संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता ने “बेड़ियों से मुक्ति, सम्मानजनक जीवन” विशेष अभियान के तहत ग्राम मैडास निवासी मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम सानू देवी पत्नी बीरमाराम को लगभग 18 वर्षों से लगी बेड़ियों से मुक्त कराकर निःशुल्क उपचार के लिए मनोविकार विभाग, मथुरादास माथुर राजकीय चिकित्सालय, जोधपुर भेजा।
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों हेतु विधिक सेवाएं योजना-2024” के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष तारा अग्रवाल (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) एवं सचिव संजय कुमार मालवीया के निर्देशन में संचालित अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें गरिमापूर्ण जीवन, समुचित उपचार, पुनर्वास एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।
अभियान के दौरान पैरा लीगल वॉलेंटियर रामप्रसाद तंवर ने ग्राम मैडास में महिला की स्थिति का पता लगाकर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया। इसके बाद सचिव संजय कुमार मालवीया ने चिकित्सा एवं पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई।
10 जुलाई 2026 को सचिव संजय कुमार मालवीया स्वयं गांव पहुंचे। उनके साथ खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी रियांबड़ी डॉ. चैनाराम, चिकित्सा दल तथा उप सहायक निरीक्षक सीताराम पुलिस जाब्ते सहित मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में महिला को सुरक्षित रूप से बेड़ियों से मुक्त कराया गया तथा मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद राजकीय एम्बुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया।
प्राधिकरण ने चिकित्सालय प्रशासन को महिला का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करने तथा उपचार पूर्ण होने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार परिवार को सुपुर्द करने के निर्देश भी दिए।
इस अभियान की सफलता में पैरा लीगल वॉलेंटियर रामप्रसाद तंवर की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। समय पर सूचना जुटाने, तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार करने और विभिन्न विभागों के साथ सतत समन्वय के कारण 18 वर्षों से बेड़ियों में जकड़ी महिला को नया जीवन मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इस दौरान डॉ. चैनाराम, दामोदर पारीक, सरिता कर्णावत, सरोज प्रजापत, सीताराम, सुनील कुमार, अभिषेक आर्य, रामप्रसाद तंवर, जुगल सिंह सहित चिकित्सा, पुलिस एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कई अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

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