
फुलेरा (दामोदर कुमावत) कहते हैं कि पुण्य और परोपकार के कार्य कभी मरते नहीं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है फुलेरा के श्रीराम नगर निवासी श्रीमती पूनम कुमावत और उनके पति महेश कुमार भोड़ीवाल ने। उन्होंने भीषण गर्मी के इस दौर में अपने दिवंगत पुत्र अभिषेक कुमावत के जन्मदिन (16 मई) को एक अनूठी और मिसाल बनने वाली श्रद्धांजलि के रूप में मनाया।

दंपति ने बेजुबान और मूक पक्षियों के दर्द को समझते हुए क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पेड़ों पर दाने-पानी के लिए परिंडे और छिंके लगाए।
जेल में मटके भेंट कर बुझाई प्यास इस नेक कार्य की शुरुआत उन्होंने इससे पहले नारेना रोड स्थित उप-कारागृह में पीने के पानी के लिए आधा दर्जन बड़े मटके भेंट करके की थी।अपनी ममता और आंसुओं को रोकते हुए भावुक माता पूनम ने कहा कि “अभिषेक बेहद होनहार था। वह हमेशा पशु-पक्षियों और असहाय लोगों की मदद के लिए आगे रहता था।

ईश्वर की जो इच्छा थी, वो हुआ, लेकिन उसके दिखाए परोपकार के रास्ते पर चलकर ही हमें सच्ची शांति और सुकून मिलता है। यही हमारे बेटे के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।”
इस भीषण गर्मी में कुमावत परिवार का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे हम अपने अपनों की यादों को दूसरों के जीवन में खुशियां बांटकर जीवित रख सकते हैं।

Author: Aapno City News




