
फुलेरा (दामोदर कुमावत) शिक्षा और समाज सेवा का संगम जब मिलता है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाता है। निकटवर्ती ग्राम काचरोदा में कुछ ऐसा ही अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक परिवार ने अपने दिवंगत मुखिया की स्मृति को सेवा कार्य से जोड़कर जीवंत रखा।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के पूर्व जांबाज स्व. श्री नाथू लाल वर्मा की पुण्य स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ज्ञाना देवी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, काचरोदा को 10 कुर्सियाँ भेंट कीं। इस पुनीत कार्य में उनके सुपुत्र और भारतीय रेल सेवा में मुख्य क्रू नियंत्रक (CCC) प्रेमचंद वर्मा, सुपुत्री अध्यापिका श्रीमती शशि कला वर्मा और पुत्रवधू श्रीमती संतोष देवी ने भी अपनी सहभागिता निभाई।इस अवसर पर मुख्य क्रू नियंत्रक प्रेमचंद वर्मा अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने कहा “पिताजी का साया सिर से बहुत कम उम्र में उठ गया था, लेकिन संघर्ष के उन दिनों में माताजी ने हमें नेकी, संयम और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया।

आज हम जिस भी मुकाम पर हैं, वह पिताजी के आशीर्वाद और माताजी की सेवा का ही प्रतिफल है।”उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से अपील करते हुए कहा कि अपनी सामर्थ्य अनुसार शिक्षण संस्थानों और जनहित के कार्यों में सहयोग करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित इस संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य और स्टाफ ने वर्मा परिवार के इस कदम की सराहना की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मदन लाल बलाई,
श्रीमती वंदना रेगर, श्रीमती प्रियंका थारवान,श्रीमती अलका किशन, बाल किशोर ठाकुर, सरवन कुमार एम, दिनेश कुमार, वीरेंद्र सिंह राठौड़, जितेंद्र जांगिड़ एवं कृष्णकांत कुमावत।

Author: Aapno City News




