
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
उत्तर पश्चिम रेलवे का जयपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शी सेवा और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 12986 (डबल डेकर एक्सप्रेस) में तैनात टीटीई स्टाफ ने अपनी त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता से दो महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाकर सराहनीय कार्य किया है।मामला 1: मोबाइल न मिलने से नाराज बालक को सुरक्षित परिजनों तक पहुँचाया,

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्रीमती पूजा मित्तल ने बताया कि शनिवार को टीटीई अंकित महर और नरेंद्र वर्मा कोच C-3 से C-10 में ड्यूटी पर थे।
टिकट जांच के दौरान टीटीई अंकित महर को एक 13 वर्षीय बालक (देव, निवासी इटावा) बिना टिकट मिला। पूछताछ में पता चला कि बालक मोबाइल फोन न मिलने के कारण परिजनों से नाराज होकर घर से भाग आया था। इसे गंभीरता से लेते हुए, टीटीई ने तुरंत सीएम आई कंट्रोलऔर मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगदीश कुमार को सूचित किया।

बालक के पिता और इटावा पुलिस से संपर्क कर, बालक को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया और आगामी कार्यवाही हेतु आरपीएफ अलवर को सुपुर्द किया गया। जबकि दूसरा
मामला : यात्रियों को ठग रहे फर्जी टीटीई का भंडाफोड़
इसी यात्रा के दौरान यात्रियों ने शिकायत की कि एक युवक टिकट के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है और रसीद नहीं दे रहा है। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए टीटीई नरेंद्र वर्मा और अंकित महर ने सूझबूझ दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। तथा
जांच में युवक के फर्जी होने की पुष्टि हुई। टीटीई द्वारा विधिवत मेमो तैयार कर आरोपी को आरपीएफ अलवर के हवाले कर दिया गया।
जयपुर मंडल ने टीटीई अंकित महर और नरेंद्र वर्मा की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। उनकी सजगता से न केवल एक नाबालिग सुरक्षित हुआ, बल्कि रेलवे की छवि धूमिल करने वाले जालसाज पर भी लगाम लगी।

Author: Aapno City News




