
शोध से स्वास्थ्य विज्ञान को मिलेगा नया आयाम।
फुलेरा (दामोदर कुमावत) भारतीय रेलवे सैनी (माली) कर्मचारी-अधिकारी विकास संस्था के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सैनी की सुपुत्री भूमिका सैनी को लाइफ साइंस विषय में महत्व पूर्ण शोध कार्य पूर्ण करने पर IIS (Deemed to be University), जयपुर द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से परिवार, समाज और परिचितों में हर्ष और गर्व का वातावरण है।

भूमिका सैनी ने अपने शोध कार्य में “चूहों में सोडियम फ्लोराइड से उत्पन्न टेराटोलॉजिकल एवं न्यूरोबिहेवियरल विषाक्तता के विरुद्ध स्पिरुलिना प्लेटेंसिस के मॉड्यूलेटिंग प्रभाव का आकलन” विषय पर गहन और वैज्ञानिक अध्ययन किया। यह शोध कार्य उन्होंने प्रोफेसर डॉ. प्रियंका माथुर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
अपने शोध के दौरान उन्होंने सोडियम फ्लोराइड के अत्यधिक संपर्क से होने वाले जैविक दुष्प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण किया। विशेष रूप से भ्रूण विकास पर पड़ने वाले टेराटोलॉजिकल प्रभावों तथा तंत्रिका तंत्र और व्यवहार से संबंधित न्यूरोबिहेवियरल विषाक्तता पर वैज्ञानिक अध्ययन किया गया।

शोध में यह भी पाया गया कि स्पिरुलिना प्लेटेंसिस, जो कि पोषक तत्वों से भरपूर एक प्राकृतिक सूक्ष्म शैवाल है, सोडियम फ्लोराइड के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व शरीर पर पड़ने वाले विषैले प्रभावों को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इस प्रकार उनका यह शोध कार्य स्वास्थ्य विज्ञान और जैव-विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला माना जा रहा है।भूमिका सैनी की इस उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ-साथ भारतीय रेलवे सैनी (माली) कर्मचारी-अधिकारी विकास संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।

संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए गभूमिका सैनी को लाइफ साइंस में पीएचडी की उपाधि, शोध से स्वास्थ्य विज्ञान को मिलेगा नया आयाम
फुलेरा/जयपुर। भारतीय रेलवे सैनी (माली) कर्मचारी-अधिकारी विकास संस्था के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सैनी की सुपुत्री भूमिका सैनी को लाइफ साइंस विषय में महत्वपूर्ण शोध कार्य पूर्ण करने पर IIS (Deemed to be University), जयपुर द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से परिवार, समाज और परिचितों में हर्ष और गर्व का वातावरण है।
भूमिका सैनी ने अपने शोध कार्य में “चूहों में सोडियम फ्लोराइड से उत्पन्न टेराटोलॉजिकल एवं न्यूरोबिहेवियरल विषाक्तता के विरुद्ध स्पिरुलिना प्लेटेंसिस के मॉड्यूलेटिंग प्रभाव का आकलन” विषय पर गहन और वैज्ञानिक अध्ययन किया। यह शोध कार्य उन्होंने प्रोफेसर डॉ. प्रियंका माथुर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
अपने शोध के दौरान उन्होंने सोडियम फ्लोराइड के अत्यधिक संपर्क से होने वाले जैविक दुष्प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण किया। विशेष रूप से भ्रूण विकास पर पड़ने वाले टेराटोलॉजिकल प्रभावों तथा तंत्रिका तंत्र और व्यवहार से संबंधित न्यूरोबिहेवियरल विषाक्तता पर वैज्ञानिक अध्ययन किया गया।
शोध में यह भी पाया गया कि स्पिरुलिना प्लेटेंसिस, जो कि पोषक तत्वों से भरपूर एक प्राकृतिक सूक्ष्म शैवाल है, सोडियम फ्लोराइड के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व शरीर पर पड़ने वाले विषैले प्रभावों को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इस प्रकार उनका यह शोध कार्य स्वास्थ्य विज्ञान और जैव-विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला माना जा रहा है।भूमिका सैनी की इस उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ-साथ भारतीय रेलवे सैनी (माली) कर्मचारी-अधिकारी विकास संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी प्रसन्नताव्यक्त की है। संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है तथा इससे युवाओं को शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
संस्था के अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सैनी ने अपनी पुत्री की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, समर्पण और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।भूमिका सैनी की इस उपलब्धि पर उनके शिक्षकों, मित्रों, रिश्तेदारों और समाज के अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।

Author: Aapno City News



