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भक्त शिरोमणि श्रीयादे माता जयंती पर अवकाश की हुंकारप्रजापति समाज ने केकड़ी से सरकार को दिया सख्त संदेश

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केकड़ी  ( तेजाराम लाडणवा )

आस्था, परंपरा और स्वाभिमान की बुलंद आवाज आज केकड़ी में गूंज उठी। मां श्रीयादे प्रजापति विकास सेवा संस्थान केकड़ी के तत्वाधान में दिनांक 7 जनवरी 2026 को प्रजापति समाज ने एकजुट होकर अपने इतिहास और अधिकारों के लिए निर्णायक पहल की।

संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण प्रजापति की उपस्थिति में समाज बंधु “भक्त शिरोमणि श्रीयादे माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचे और सरकार तक अपनी वर्षों पुरानी मांग मजबूती से रखी।
प्रजापति समाज की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपखंड अधिकारी केकड़ी को सौंपा गया। ज्ञापन का सबसे प्रमुख और भावनात्मक बिंदु रहा—प्रजापति समाज की कुलदेवी एवं भक्त प्रहलाद की गुरु भक्त शिरोमणि श्रीयादे माता की जन्म जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।

अखिल भारतीय श्रीयादे सेवा समिति पुष्कर के महामंत्री सत्यनारायण प्रजापति  ने कहा कि यह जयंती सदियों से पूरे राजस्थान में श्रद्धा, विश्वास और परंपरा के साथ मनाई जाती रही है, लेकिन अब तक इसे सरकारी मान्यता नहीं मिलना समाज के साथ घोर अन्याय है।
समाज ने दो टूक चेतावनी दी कि यह मांग अब केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगी। 13 जनवरी 2026 तक राजस्थान की सभी तहसीलों, उपखंडों और जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। समाज की स्पष्ट मांग है कि 20 जनवरी से पूर्व सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए, अन्यथा प्रजापति (कुम्हार) समाज को आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर रामनिवास, रामधन, छोटूलाल, शिवप्रकाश, रामू, सत्यनारायण, सांवरलाल, राजूलाल, राजेंद्र, मूलचंद, रामनिवास, रामप्रसाद, शुभम, बालू खवास, नोरत चापानेरी, नोरत प्राहेड़ा सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प साफ नजर आया। हर मन में एक ही प्रण था—भक्त शिरोमणि श्रीयादे माता को उनका यथोचित सम्मान और अधिकार दिलाकर रहेंगे।

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