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सुदामा–कृष्ण की मित्रता ने भावुक किया श्रोताओं को, भजनों पर झूमीं महिलाएंकथा समापन पर उमड़ी भारी भीड़, पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा

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मेड़ता सिटी (तेजाराम लाडणवा)
पूज्य पिताजी स्वर्गीय श्री बाबूराम जी बोराणा (मेंबर साहब) एवं पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती चुका देवी की पावन स्मृति में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में आज कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंडाल पूरी तरह खचाखच भर गया, वहीं बाहर भी श्रद्धालु कथा श्रवण करते नजर आए।
कथा वाचन पूज्य संत रमन मुनि महाराज द्वारा किया जा रहा है। आज की कथा में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अद्भुत मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे।
दो मित्रों के मिलन प्रसंग ने छोड़ी गहरी छाप
संत रमन मुनि महाराज ने कथा के दौरान बताया कि कृष्ण और सुदामा का मिलन सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने समझाया कि सच्चा मित्र वही है जो अपने मित्र के वैभव या निर्धनता नहीं, बल्कि उसके हृदय को देखता है।
सुदामा के चरित्र के माध्यम से महाराज ने त्याग, संतोष और विनम्रता का संदेश देते हुए कहा कि भक्ति के आगे धन-वैभव का कोई महत्व नहीं।
भजनों पर जमकर झूमीं महिलाएं
कथा के दौरान प्रस्तुत भक्ति भजनों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। पूरा पंडाल भक्ति, उल्लास और जयकारों से गूंज उठा। वातावरण इतना भावपूर्ण हो गया कि श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में डूबे रहे।
श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम
कथा समापन के समय श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर संत रमन मुनि महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
25 से 31 दिसंबर तक चल रहा है आयोजन
उल्लेखनीय है कि यह श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।

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