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डांगावास में अलर्ट मोड पर प्रशासन, मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्थाकिसान सम्मेलन के बहाने सत्ता, सुरक्षा और सिस्टम की कड़ी निगरानी

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मेडतासिटी  (एक्सक्लूसिव)
मेड़ता उपखंड के डांगावास गांव में 23 दिसंबर को होने जा रहा किसान सम्मेलन सामान्य आयोजन नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गांव से लेकर बाईपास तक सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
डांगावास बाईपास के पास बनाए गए दो हेलीपैड, अतिरिक्त पुलिस जाप्ता, सादी वर्दी में तैनात अधिकारी और हर गतिविधि पर नजर—यह सब संकेत दे रहा है कि प्रशासन किसी भी स्थिति को लेकर कोई चूक नहीं चाहता। सम्मेलन स्थल पर आने-जाने वाले रास्तों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी और हालिया किसान आंदोलनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। सम्मेलन स्थल, पार्किंग क्षेत्र और हेलीपैड के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ उच्चाधिकारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
किसानों की भीड़ जुटाने के लिए किसान आयोग के अध्यक्ष, स्थानीय नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर पीले चावल बांट रहे हैं। यह आमंत्रण अभियान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन को अंदेशा है कि भीड़ का आकार अनुमान से अधिक हो सकता है, इसी कारण व्यवस्थाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को सुबह 11.40 बजे किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से 12.05 बजे डांगावास हेलीपैड उतरेंगे। दोपहर 1 बजे से 2.30 बजे तक किसान सम्मेलन को संबोधित करने के बाद वे 2.40 बजे जयपुर के लिए रवाना होंगे। इस दौरान केबिनेट मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी मंच साझा करेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष प्लान तैयार किया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
डांगावास में फिलहाल माहौल पूरी तरह सतर्क है—जहां मंच पर किसानों से संवाद होगा, वहीं मंच के बाहर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हर पल चौकन्नी नजर आ रही हैं।

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