[darkmysite switch="1" width_height="45px" border_radius="30px" icon_width="20px" light_mode_bg="#121116" dark_mode_bg="#ffffff" light_mode_icon_color="#ffffff" dark_mode_icon_color="#121116"]

फ्री बिजली के नाम पर मुख्यमंत्री ने आम उपभोक्ताओं से किया धोखा :— नारायण पंचारिया

SHARE:



महंगाई राहत शिविर में पंजीयन का झांसा देकर घटा दी सब्सिडी :— नारायण पंचारिया


कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ महंगाई राहत शिविर के नाम किया छल :— नारायण पंचारिया

सस्ती बिजली का इंतजार कर रहे लोगों को अब नहीं मिल पा रही बिजली :— नारायण पंचारिया



जयपुर,
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गारंटियों के नाम पर जनता से धोखा कर रहे है। ऐसे धोखे उन्होंने महंगाई राहत शिविर के नाम भी किए थे। कांग्रेस सरकार ने महंगाई राहत शिविर में बिजली बिल शून्य करने के नाम पर आम जनता को रजिस्ट्रेशन के नाम पर लंबी लाइनों में लगा दिया लेकिन उसके बाद उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी भी बंद कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घरेलु निःशुल्क बिजली योजना में राजस्थान की जनता के साथ धोखा हुआ है। बनाया। महंगाई राहत शिविर में पंजीयन करवाने से पहले जहां लोगों के बिजली बिल में 750 रुपए की सब्सिडी आ रही थी, वहीं पंजीयन करवाने के बाद यह सब्सिडी कम 562 रूपए तक सीमित हो गई है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने कहा कि महंगाई राहत शिविर में आम जनता को नि:शुल्क बिजली की घोषणा की गई। इसके लिए एक करोड से अधिक उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन भी किया गया और और उसके बाद 100 यूनिट बिजली ही फ्री दी गई। इसके साथ ही 200 यूनिट तक सभी शुल्क भी माफ करने का वादा किया लेकिन नए मीटर लगाकर सभी उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढा दिया गया जिसके कारण आम उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली सपना बनकर रह गई। वहीं राज्य में पिछले चार माह से हालात यह है कि घरेलू और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को पूरी बिजली ही नहीं मिल पा रही है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने कहा कि जादूगर कहे जाने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने काले जादू से जनता के साथ राहत की बात करते हुए आमजन को आहत करने का काम कर दिया। राज्य में पहले दी जा रही 50 यूनिट नि:शुल्क बिजली व उसके बाद प्रति यूनिट निर्धारित छूट को बंद कर फ्री बिजली के नाम पर उपभोकताओं की जेब पर डाका डाला गया है। वहीं दूसरी ओर पहले से बिजली का प्रबन्ध नहीं कर मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य में बिजली संकट पैदा किया गया और महंगी बिजली की खरीद के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। ऐसे में यह तय हो गया कि राज्य की सरकार ने लोगों को गुमराह किया और महंगाई राहत के नाम पर लोगों को आहत किया।

Aapno City News
Author: Aapno City News

Join us on:

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली खबर

शहर चुनें

Follow Us Now

Follow Us Now