

🖊 तेजाराम लाडणवा
मीरा नगरी मेड़ता सिटी से पंजीकृत साहित्यिक संस्था मीरां शोध संस्थान की कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं सम्माननीय पुरस्कार चयन समिति सदस्यों की एक आवश्यक बैठक संस्थान परिसर स्थित सभागार में अध्यक्ष श्यामसुंदर सिखवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संस्थान के संस्थापक एवं वरिष्ठ साहित्यकार दीपचन्द सुथार की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष “मीरां मेड़तनी हिन्दी साहित्य पुरस्कार” प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रस्तावित पुरस्कार की नियमावली एवं आवेदन प्रपत्र का उपस्थित साहित्यकारों एवं सदस्यों द्वारा गहन अवलोकन किया गया तथा आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए गए। सर्वसम्मति से तय किया गया कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मीरां के जीवन-वृत्त पर किए गए शोध अथवा उनके जीवन और कृतित्व से संबंधित रचित साहित्य की सर्वोत्तम कृति को प्रदान किया जाएगा। आगामी अगस्त माह में यह सम्मान समारोहपूर्वक प्रदान किया जाएगा।
संस्थान की ओर से शीघ्र ही औपचारिक विज्ञप्ति जारी कर देशभर के साहित्यकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। इस पहल को मीरां की जन्मभूमि मेड़ता में साहित्यिक परंपरा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में वरिष्ठ साहित्यकार चांद मोहम्मद घोसी, नंदू श्री मंत्री, भगवती प्रसाद टेलर, भवानीसिंह राठौड़, जीतेन्द्र सिखवाल, सत्यनारायण सुथार, राजू सा जोशी, संजय व्यास, जानकीदास रांकावत, नरेंद्रसिंह शेखावत, दीपक राखेचा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
अध्यक्ष श्यामसुंदर सिखवाल ने कहा कि यह पुरस्कार मीरां की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देगा और शोध व सृजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले साहित्यकारों को प्रोत्साहित करेगा।
मेड़ता की साहित्यिक धरा पर यह निर्णय एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे युवा एवं वरिष्ठ रचनाकारों को नई प्रेरणा

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