

धोरीमना / बाड़मेर,
राजस्थान के बाड़मेर–बालोतरा जिले के सीमांकन फैसले के विरोध में पिछले 12 दिनों से जारी आंदोलन बुधवार को और उग्र हो गया। धोरीमना कस्बे में कांग्रेस द्वारा आयोजित विशाल जन आक्रोश रैली में प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने शिरकत कर भाजपा सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी।
रैली में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सांसद उमेद राम बेनीवाल, विधायक हरीश चौधरी सहित राज्यभर से आए कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। रैली का नेतृत्व पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने किया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।
भाजपा पर मनमानी का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायती राज और नगर निकाय पुनर्गठन में नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से वार्डों का गठन किया है। उनका कहना था कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव केवल चुनावी लाभ के उद्देश्य से किया गया है।
नेताओं ने कहा कि जनता भाजपा की इस रणनीति को समझ चुकी है और आने वाले पंचायती राज व नगर निकाय चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।
“कांग्रेस की सरकार बनी तो बदलेगा फैसला”
रैली को संबोधित करते हुए सचिन पायलट सहित अन्य नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि 2028 में कांग्रेस की सरकार बनती है तो धोरीमना और गुड़ामालानी को दोबारा बाड़मेर जिले में शामिल किया जाएगा।
नेताओं ने आंदोलनरत हेमाराम चौधरी से अपील की कि जनता के साथ इस आंदोलन को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाए।
पैदल मार्च, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
रैली के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धोरीमना कस्बे में पैदल मार्च निकाला और उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिलों के सीमांकन के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई।
कड़े सुरक्षा इंतजाम
जन आक्रोश रैली को देखते हुए नेशनल हाईवे-68 पर यातायात डायवर्ट किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए।
इस दौरान विधायक समरजीत सिंह, रतन देवासी, पूर्व मंत्री साले मोहम्मद, पूर्व विधायक रूपाराम मेघवाल, पदमाराम मेघवाल और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित संभाग भर के कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

Author: aapnocitynews@gmai.com




