

मेड़ता सिटी (तेजाराम लाडणवा)
भक्त शिरोमणि मीरा बाई की जन्मस्थली मेड़ता सिटी एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। धर्म, भक्ति और गौसेवा के अद्भुत संगम के रूप में यहाँ 5 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक धार्मिक कार्यक्रम को लेकर पूरे शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विशेष उत्साह का माहौल है, वहीं आयोजकों की टीमें व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में पूरी निष्ठा से जुटी हुई हैं।


मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में 200 से अधिक गौशालाओं के माध्यम से एक लाख गायों का संरक्षण करने वाले, प्रसिद्ध गौभक्त संत श्री प्रभुजी नागर मेड़ता सिटी में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करेंगे। प्रभुजी नागर के पिता संत श्री कमल किशोर जी नागर भी पिछले साठ वर्षों से भागवत कथा कर धर्मप्रेमियों को अध्यात्म से जोड़ते आ रहे हैं। प्रभुजी नागर स्वयं इसे अपना सौभाग्य मानते हैं कि उन्हें मीरा की पावन धरती पर भागवत कथा सुनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

यह भव्य आयोजन श्री चारभुजा नाथ एवं मीरा बाई कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। समिति से जुड़े जुगल अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक मेड़ता सिटी के मूलराज बांकीदास बंगला परिसर में होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 40 हजार वर्गफीट में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जिसमें एक साथ 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बैठकर कथा श्रवण कर सकेंगे।
आयोजकों द्वारा मेड़ता सिटी के आसपास के 100 गांवों से श्रद्धालुओं को कथा स्थल तक लाने और वापस पहुंचाने की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके लिए बस, मिनी बस, कार व जीप जैसी परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास एवं भोजन की निशुल्क व्यवस्था भी समिति की ओर से सुनिश्चित की गई है।
जुगल अग्रवाल कैलाश बिंदल ने विश्वास जताया कि जो श्रद्धालु पहले दिन 5 जनवरी को संत प्रभुजी नागर के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण करेगा, वह अगले छह दिन भी कथा सुनने के लिए स्वतः प्रेरित होगा। उन्होंने बताया कि प्रभुजी नागर की कथा शैली ऐसी है जिसमें श्रोताओं को अधूरापन नहीं लगता। वे भागवत के प्रसंगों को किसी एक दिन तक सीमित नहीं रखते, बल्कि पूरे कथा क्रम को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि श्रद्धालु अंत तक भाव-विभोर बने रहते हैं। यही कारण है कि मेड़ता सिटी सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग इस कथा को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मीरा नगरी में होने जा रहा यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि गौसेवा, भक्ति और सनातन संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी है।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मेड़ता सिटी में होने जा रही यह भागवत कथा आने वाले वर्षों तक श्रद्धालुओं की स्मृतियों में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में दर्ज होगी।

Author: aapnocitynews@gmai.com





