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सामूहिक विवाह सम्मेलन: सादगी, समर्पण और सामाजिक एकता का भव्य संदेश

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मकराना वरिष्ठ रिपोर्टर अब्दुल सलाम

समाज में फिजूलखर्ची पर रोक, पारिवारिक एकता को मजबूती और महंगाई के दौर में राहत देने वाला 26वां सामूहिक विवाह सम्मेलन मकराना में अनुकरणीय मिसाल बनकर सामने आया।
अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन संस्था की ओर से अंजुमन महाविद्यालय परिसर में आयोजित 26वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 90 जोड़ों का सामूहिक निकाह पूरे धार्मिक विधि-विधान और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल विवाह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार, सादगी और दीर्घकालिक पारिवारिक स्थिरता का सशक्त संदेश बन गया।
संस्था द्वारा वर्ष 2001 से अब तक 26 सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 2882 जोड़ों का निकाह संपन्न हो चुका है। यह आंकड़ा अपने आप में समाज की जागरूकता और विश्वास का प्रमाण है।
10 काजियों ने पढ़ाया निकाह, सादगी बनी पहचान
संस्था के सदर मौलाना गुलाम सय्यद अली ने बताया कि निकाह संपन्न कराने के लिए 10 काजियों की व्यवस्था की गई थी। सचिव हाजी रफीक अहमद गौड़ के अनुसार, दूल्हा-दुल्हन के लिए अलग-अलग स्टेज बनाए गए। आयोजन की सादगी का दृश्य तब और भावुक हो गया जब कुछ दूल्हे बाइक पर पहुंचे और अपनी दुल्हनों को भी बाइक पर ही साथ ले गए—यह दृश्य दिखाता है कि खुशी दिखावे से नहीं, अपनापन से आती है।
समाज में एकता और फिजूलखर्ची पर चोट
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने सामूहिक विवाह को समाज में एकता बढ़ाने, कुरीतियों को खत्म करने और अनावश्यक खर्च रोकने का प्रभावी माध्यम बताया।
मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत, वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सलावत खान, कांग्रेस के मुख्य सचेतक विधायक रफीक खान, विधायक अमीन कागजी और पूर्व मंत्री नसीम अख्तर सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।
सलावत खान ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को जोड़ते हैं और दिखावे की परंपरा को तोड़ते हैं। विधायक गैसावत ने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए ऐसे आयोजनों को और बढ़ावा देने की बात कही। मुख्य सचेतक रफीक खान ने समाज से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया, जबकि पूर्व मंत्री नसीम अख्तर ने बच्चों की उच्च शिक्षा को सबसे बड़ा निवेश बताया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग का संगम
संस्था की ओर से सभी दुल्हनों को कुरान शरीफ और नमाज की जानमाज भेंट की गई। कोषाध्यक्ष हाजी खुर्शीद अहमद सिसोदिया ने बताया कि समाजसेवी अजरुदीन चौहान ने दूध, जबकि आलम रांदड़ ने पीने के पानी की व्यवस्था की।
नगर परिषद ने मौके पर ही विवाह पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई। शहर के सरकारी अस्पताल और लगनशाह अस्पताल ने स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर सेवाएं प्रदान कीं।
बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर सदर मौलाना सय्यद अली, सचिव हाजी रफीक अहमद गौड़, नायब सदर हाजी अब्दुल हलीम रांदड़, सह सचिव आबिद अली गैसावत, मौलाना अबरार अहमद, पूर्व सभापति शौकत अली गौड़, अब्दुल सलाम भाटी, नरेश भंडारी, गंगाराम मेघवाल, अब्दुल वहीद खिलजी, ठाकुर मोहन सिंह चौहान, हाजी गुलाम रसूल सिसोदिया सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन केवल 90 जोड़ों के जीवन की नई शुरुआत नहीं, बल्कि समाज को सादगी, एकता और जिम्मेदारी का रास्ता दिखाने वाला प्रेरक अध्याय बन गया।

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