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भागवत कथा ने बांधा भक्ति का सूत्र, गांव-गांव से पहुंचे श्रद्धालुपूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ

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मेडतासिटी (तेजाराम लाडणवा)

चारभुजा नाथ मंदिर परिसर ग्राम गवारडी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और वैदिक चेतना से सराबोर कर दिया। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और पूर्णाहुति के साथ कथा का समापन हुआ, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

8 दिसंबर से प्रारंभ हुई इस कथा में कथावाचक श्रवण कुमार शास्त्री ने भागवत के माध्यम से जीवन मूल्यों को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया। कथा के दौरान ईश्वर लीला, धर्म व कर्तव्य, आदर्श जीवन, भक्ति मार्ग और माता-पिता की सेवा जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। अंतिम दिवस पर श्रीकृष्ण-सुदामा मैत्री, राजा परीक्षित की मोक्ष कथा, कलियुग के लक्षण और भागवत श्रवण की महत्ता को भावपूर्ण ढंग से समझाया गया।

शास्त्री ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता त्याग, सादगी और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है, जबकि परीक्षित मोक्ष की कथा यह संदेश देती है कि ईश्वर स्मरण से जीवन का अंतिम लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है। समापन अवसर पर यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं।

कथा के दौरान संगीतकार अशोक कुमार और मनोज कुमार की भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। आयोजन में मंगलाराम सैन, हुकमाराम, विजयप्रकाश महेरा, सागरमल शेखावत, मनीष बाजडोलिया, श्रवणराम मेघवाल तिलोकचंद उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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