
रूण फखरूदीन खोखर
रूण-कृषि विज्ञान केन्द्र नागौर द्वारा शुक्रवार को अटल सेवा केंद्र रूण में उर्वरको के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम एवं प्याज की उन्नत किस्म ‘अर्क भीम’ विषय पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गोपीचन्द सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र, नागौर ने किसानों को प्याज की उन्नत किस्म ‘अर्क भीम’ के गुणों, उत्पादन क्षमता तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि संतुलित खादों का उपयोग फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक है।
इस मौके पर डॉ. रविप्रकाश पाल पशु वैज्ञानिक काजरी जोधपुर ने पशुपालन के महत्व एवं उन्नत पशु प्रबंधन पर अपने विचार रखे। उन्होंने किसानों को कृषि के साथ पशुपालन को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं डॉ. बी.एल. मंजूनाथ विस्तार विशेषज्ञ ने बीज उपचार की विभिन्न विधियों एवं खादों के सही उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन के लिए बीज उपचार आवश्यक हैं। इस मौके पर डॉ. भावना शर्मा गृह विज्ञान विषय विशेषज्ञ ने कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिला किसानों एवं परिवारों को घर पर पोषण वाटिका (न्यूट्री-गार्डन) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि परिवार को पौष्टिक सब्जी एवं फल उपलब्ध हो सकें।

कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिकों एवं किसानों ने रूण गांव में प्याज के खेत का भ्रमण किया तथा ‘अर्क भीम’ किस्म के प्रदर्शन का अवलोकन किया। किसानों ने वैज्ञानिकों से फसल प्रबंधन से संबंधित प्रश्नों के सवाल जवाब भी किए। कार्यक्रम में किसानों, महिला किसानों, विस्तार कार्यकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों सहित कुल 70 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में केवीके के वरिष्ठ अनुसंधान फेलो श्री राकेश गुर्जर एवं कृषि पर्यवेक्षक रूण अनिल कुमार वर्मा ने भी किसानों के फसलों से संबंधित जानकारी दी।
फोटो कैप्शन -गांव रूण में उपस्थित किसान और कृषि विशेषज्ञ

Author: Aapno City News




