
मेड़ता सिटी
समर्थन मूल्य खरीद व्यवस्था में बड़ी अनियमितता सामने आई है। तिलम संघ परिसर में आधी रात अनाधिकृत रूप से मूंग उतारने के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस थाना मेड़ता सिटी में मैसर्स जीवराज एण्ड कम्पनी, अटरू (जिला बारां) के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक उर्जाराम बिश्नोई को सौंपी गई है।
जांच में सामने आया कि वाहन नंबर RJ 20 JA 7652 दिनांक 08.02.2026 का चालान नंबर 56 आरएसडब्ल्यूसी किशनगढ़ के नाम से बनाया गया था, लेकिन संबंधित गाड़ी की ऑनलाइन डिस्पैच ही नहीं हुई और न ही वह किशनगढ़ वेयरहाउस पहुंची। इससे स्पष्ट हुआ कि कंपनी द्वारा पत्र क्रमांक स्पे.1 दिनांक 13.02.2026 में दी गई जानकारी निराधार और भ्रामक थी।
खरीद केंद्र प्रभारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 9 फरवरी 2026 को टोकन कम होने के कारण तिलम संघ परिसर बंद कर दिया गया था तथा हैंडलिंग एवं परिवहनकर्ता को निर्देश दिए गए थे कि तुलाए गए कट्टे सीधे वेयरहाउस में जमा करवाए जाएं। इसके बावजूद 11 फरवरी की रात एक ट्रक से मूंग खाली करवाया गया, जो पूरी तरह अनाधिकृत था और जांच में उसे खराब श्रेणी का बताया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि यह मूंग मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता था।
जिला प्रशासन द्वारा गठित सतर्कता जांच समिति ने पाया कि मैसर्स जीवराज एण्ड कम्पनी ने बिना क्रय-विक्रय समिति की अनुमति तिलम संघ परिसर में प्रवेश कर खराब मूंग को असली एफ.ए.क्यू. मूंग में मिलाकर मुनाफाखोरी करने का प्रयास किया। समिति ने इसे राजकोष को नुकसान पहुंचाने, सोसायटी के साथ धोखाधड़ी तथा आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आपराधिक कृत्य माना है।
उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति नागौर सुभाषचंद सिर्वा और सहकारिता निरीक्षक प्रेमसिंह द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 316(5), 303(2), 274 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के साथ सतर्कता समिति की जांच रिपोर्ट, बयानात, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग तथा ट्रक की नापतौल कांटा पर्ची भी संलग्न की गई है।
फिलहाल मेड़ता का यह मामला समर्थन मूल्य खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।

Author: aapnocitynews@gmai.com




