

🖋तेजाराम लाडणवा
जिले में सामने आई दो घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। एक ओर नागौर पुलिस लाइन परिसर में एक साथ कई क्वार्टरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात हुई, वहीं दूसरी ओर अन्य जिले में तैनात नागौर मूल के एक कांस्टेबल को शादी समारोह में कथित रूप से तस्करों की मौजूदगी के मामले में जांच के बाद निलंबित किया गया।
दोनों घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली, अनुशासन और अपराधियों में पुलिस के भय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस लाइन में एक साथ नौ क्वार्टरों के ताले टूटे
मानासर स्थित पुलिस लाइन परिसर में सोमवार रात बदमाश कॉलेज की दीवार फांदकर अंदर घुस गए और नौ पुलिसकर्मियों के क्वार्टरों के ताले तोड़ दिए। घटना का पता मंगलवार सुबह चला, जब पड़ोसियों और पुलिसकर्मियों ने टूटे ताले और बिखरा सामान देखा।
सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक मूदुल कच्छावा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय बदमाशों की भूमिका की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल शारदा चौधरी के क्वार्टर से पायजेब और सोने की अंगूठी चोरी हुई है, जबकि नकदी और अन्य जेवर सुरक्षित मिले। जिन पुलिसकर्मियों के क्वार्टरों के ताले टूटे, उनमें शारदा चौधरी, मनीराम, पूनाराम, विक्रम, शारदा बिश्नोई और सियाराम सहित अन्य शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है पुलिस लाइन में चोरी
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 24 नवंबर 2025 को भी पुलिस लाइन में एक महिला कांस्टेबल के क्वार्टर से 15–16 तोला सोना चोरी हो गया था। उस मामले का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। लगातार दूसरी बार पुलिस परिसर में चोरी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।
कांस्टेबल के निलंबन का मामला भी चर्चा में
इसी बीच अन्य जिले में तैनात नागौर मूल के एक कांस्टेबल की शादी में कथित रूप से तस्करों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के शामिल होने की शिकायत सामने आई थी। विभागीय जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित कांस्टेबल को वहां के जिला पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया।
इस घटना ने पुलिस और अपराधियों के बीच दूरी बनाए रखने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।
बढ़ता दुस्साहस या कमजोर निगरानी?
सामान्यतः अपराधी पुलिस परिसर या पुलिसकर्मियों के घरों को निशाना बनाने से बचते हैं, क्योंकि वहां सख्त सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई का डर होता है। लेकिन हाल की घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि अपराधियों का दुस्साहस बढ़ रहा है या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस बल में अनुशासन, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और जनता का भरोसा कायम रहे।
भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती
इन घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी की वारदात का जल्द खुलासा करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। क्योंकि जब पुलिसकर्मियों के घरों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा की भावना भी प्रभावित होती है।
पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर अब पूरे जिले की निगाह टिकी हुई है।

Author: aapnocitynews@gmai.com




