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राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर सख्ती: औचक निरीक्षण में व्यवस्थाओं की हुई गहन जांच

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नागौर (तेजाराम लाडणवा)
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ एवं मिशन निदेशक (एनएचएम) डॉ. अमित यादव के निर्देशानुसार शुक्रवार को भी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न राजकीय चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। साथ ही बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की साफ-सफाई, उपकरणों के रखरखाव, रिपोर्टिंग प्रणाली और रिकॉर्ड संधारण की स्थिति की भी जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा संस्थानों में सरकार की योजनाओं के तहत संचालित सेवाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचे। इसके लिए स्टाफ की नियमित उपस्थिति, निर्धारित समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना और विभागीय पोर्टल पर समय पर रिपोर्ट अपडेट करना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने खींवसर ब्लॉक के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पांचूड़ी एवं पांचला सिद्धा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, वार्डों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, स्टाफ उपस्थिति और साफ-सफाई व्यवस्था का अवलोकन किया।
इसी क्रम में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीशराम चौधरी ने राजकीय उप जिला अस्पताल जायल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरनाऊ, रोल और फरड़ोद का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, लैब सेवाओं, टीकाकरण एवं आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की और संबंधित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वहीं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकिशोर सारण ने डेगाना उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईड़वा, सांजू तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुड़ी कलां का निरीक्षण किया। उन्होंने डेगाना उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. संजय केडिया को डायलिसिस एवं सोनोग्राफी मशीन को शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में राजकीय चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए।

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