
फुलेरा ( दामोदर कुमावत)
केंद्रीय बजट 2026–27 में सरकार ने कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए कई अहम सुधार प्रस्तावित किए हैं। नया आयकर अधिनियम 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। रिटर्न संशोधन की समय- सीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई है

और रिटर्न फाइलिंग के लिए अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं।ओवरसीज टूर पैकेज और एलआरएस के तहत मेडिकल व इंजीनियरिंग शिक्षा पर टीसीएस घटाकर 2% कर दी गई है, जबकि स्क्रैप और शराब पर टीसीएस बढ़ाकर 2% किया गया है। मैनपावर सप्लाई सेवाओं पर टीडीएस को स्पष्ट किया गया है और एनआरआई संपत्ति बिक्री पर पैन आधारित टीडीएस की सुविधा दी गई है। लोअर टीडीएस सर्टिफिकेट प्रक्रिया ऑटोमेटेड होगी।
कंपनियों को एमएटी क्रेडिट सेट-ऑफ की राहत और प्रेसम्पटिव टैक्स पर एमएटी से छूट का प्रस्ताव है। साथ ही विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना लाई गई है।डाटा सेंटर व आईटी सेवाओं को कर प्रोत्साहन, आईसीडीएस नियमों में सरलता तथा शेयर बायबैक व एफ&O पर कर बदलाव किए गए हैं। कुल मिलाकर बजट कर सुधारों को आसान और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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Author: Aapno City News




