
मेड़ता सिटी (तेजाराम लाडणवा)
विष्णु सागर स्थित श्री गंगादास आश्रम में चल रहे सप्त दिवसीय सत्संग प्रवचन के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छठे दिन का मुख्य आकर्षण रहे रामस्नेही रेण धाम के महंत आचार्य सज्जनराम महाराज, जिनके अमृतमय प्रवचनों ने भक्तों को सेवा, करुणा और सद्भाव का गहन संदेश दिया।
आचार्य सज्जनराम महाराज ने अपने मुख्य प्रवचन में कहा कि “मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य मोक्ष है और मोक्ष का मार्ग जीव व जन की निस्वार्थ सेवा से होकर गुजरता है। जो व्यक्ति समाज में रहते हुए सेवा भाव को अपनाता है, वही सच्चा साधक है।” उन्होंने कहा कि संत परंपरा हमेशा मानव को मानव से जोड़ने और जीव मात्र के प्रति दया का भाव जागृत करने का कार्य करती रही है।
इसके पश्चात अकेली पौ धाम से पधारे महंत श्री रामनिवासदास महाराज ने अपने संबोधन में गुरु कृपा और सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि “संत संगति से ही जीवन की दिशा बदलती है। गुरु के वचनों को जीवन में उतारने से ही आत्मिक शांति और सत्य मार्ग की प्राप्ति होती है।” उनके विचारों से श्रद्धालुओं में गहरी आध्यात्मिक चेतना जागृत हुई।
इसके बाद रेण धाम के उत्तराधिकारी संत बस्तीराम महाराज ने संत परंपरा की निरंतरता और सेवा भाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत मार्ग मानव को संयम, सत्य और परोपकार की शिक्षा देता है।
सत्संग के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान संत श्री सुखदेवदास महाराज (कुचेरा) ने दादू परंपरा के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सच्ची भक्ति वही है, जिसमें अहंकार का त्याग और सेवा का भाव हो। संतवाणी मानव को भीतर से शुद्ध करने का कार्य करती है।” उनकी अमृतमयी वाणी से आश्रम परिसर भक्ति रस में डूब गया।
उल्लेखनीय है कि यह सप्त दिवसीय सत्संग प्रवचन 24 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 12.00 बजे से 03.00 बजे तक सत्संग, सायं 06.00 बजे से 07.00 बजे तक आरती एवं रात्रि 08.00 बजे से 10.00 बजे तक भजन संध्या का आयोजन हो रहा है।
माघ सुदी 12, गुरुवार 30 जनवरी 2026 को साध्वी सीताबाई महाराज की द्वितीय बरसी के अवसर पर चरण पूजा, महाआरती एवं भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर परम सान्निध्य में महंत रामनिवासदास महाराज (पौ धाम आकेली बच्छवारी), संत रामदास महाराज (देवरी धाम), संत ऊगमाराम महाराज (पावनीनाड़ी लाम्बा), संत मोड्दासजी महाराज, संत बस्तीराम महाराज, प्रीतमदास (लूणसरा), पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, एक्सईएन रामजीवण जाखड़, रामनिवास बड़ला, अमित टाक, रामस्वरूप प्रजापत, रामबक्स भाम्भू, सुभकरण डांगा, हरसूख खीचड़, राजेंद्र लामरोड़, रजीवन डिडेल सहित सुखदेव बिडीयार, कैलाशदास, चैनदास, बाबूदास, परसाराम, भीमला, जैनाबाई, रामस्वरूपदास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



Author: aapnocitynews@gmai.com




