

एसपी मृदुल कच्छावा की सख्त व संवेदनशील पुलिसिंग का असर
5 माह से अपहृता नाबालिग बालिका को नागौर पुलिस ने जैसलमेर से किया दस्तयाब
नागौर (तेजाराम लाडणवा)
जिले में पुलिसिंग का तरीका बदला है — आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का माहौल दिखाई दे रहा है। नागौर जिला मुख्यालय पर जिला पुलिस अधीक्षक पद का कार्यभार संभालने के बाद से एसपी मृदुल कच्छावा ने अपराध नियंत्रण, खोज-बीन व त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता में रखते हुए सक्रिय, संवेदनशील व प्रोफेशनल पुलिसिंग की नई दिशा दी है। इसी कड़ी में थाना थांवला पुलिस ने 5 माह से अपहृता / गुमशुदा नाबालिग बालिका को सरहद कनोई, सम जिला जैसलमेर से दस्तयाब करने में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।
इस प्रकरण में बालिका की दस्तयाबी हेतु पूर्व में पुलिस द्वारा 5000 रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। बालिका दिनांक 24 अगस्त 2025 की रात्रि में अपने घरवालों को बताए बिना घर से कहीं चली गई थी, जिसके बाद परिजनों द्वारा 25 अगस्त 2025 को थाना थांवला में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। इस संबंध में माननीय न्यायालय जोधपुर में डीबी हैबियर्स कॉपर्स भी विचाराधीन है।
थानाधिकारी पुलिस थाना थांवला के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बालिका की तलाश में नागौर सहित जैसलमेर, जोधपुर, पाली, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र व गुजरात आदि स्थानों पर व्यापक सर्च अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, ढाबे, होटल, स्कूल, बस स्टैंड, निकाय परिसर व हर संभावित स्थान पर पेम्पलेट चिपकाकर गुमशुदगी की सूचना प्रसारित की गई व मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। तकनीकी विश्लेषण, सूचना संकलन व मैदानी खोज के माध्यम से टीम ने लगभग 500 ईंट-भट्टों पर भी तलाश की।
अंततः तकनीकी अनुसंधान व सतत प्रयासों के आधार पर पुलिस टीम ने अपहृता बालिका को सरहद कनोई पुलिस थाना सम, जैसलमेर से दस्तयाब किया। प्रकरण में एसपी नागौर श्री मृदुल कच्छावा (आईपीएस) के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर श्री आशाराम चौधरी व वृत्ताधिकारी डेगाना श्री जयप्रकाश बेनिवाल के निकटतम सुपरविजन में यह कार्रवाई संपन्न हुई।

Author: aapnocitynews@gmai.com




