
रूण फखरूदीन खोखर
मदरसा रूण में हुआ कार्यक्रम
रूण -132 जीएसएस रूण के पास स्थित एहले सुन्नत बदरुल उलूम मदरसा रूण में शनिवार को जलसा ए दस्तार बंदी कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जन सहयोग से होने वाले इस कार्यक्रम के संयोजक मौलाना हाफिज जावेद मिस्बाही, मौलाना मोहम्मद रफीक और मौलाना अब्दुल हकीम ने बताया इस कार्यक्रम में उर्दू अरबी भाषा में यहां से पढ़ाई पूरी कर चुके
उत्तीर्ण छात्रों को दस्तार पहनाकर और सर्टिफिकट देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जलसे में इस्लामिक विद्वानों ने अपने वक्तव्यों में कौम को शिक्षा का महत्व बताया, कार्यक्रम के मुख्य मेहमान हजरत मुफ्ती ए आजम राजस्थान जनाब शेर मोहम्मद साहब जोधपुर ने अपने बयान में शांति, सद्भाव, भाईचारे का पैगाम देते हुए कहा कि आज का समय शिक्षा का है शिक्षा के लिए हमें चाहे कहीं भी जाना पड़े हमें अपनी औलादों को पढ़ाई करनी चाहिए आज के दौर में पुरी पढाई के बाद चिकित्सा और शिक्षा का क्षेत्र सबसे बेहतरीन है,

इन्होंने आगे कहा कि सच्चा इंसान वही है जिसमे छल, कपट,जलन, चुगली को छोड़कर इंसानियत हो,हमें आपसी भेदभाव को मिटाकर एक होकर समाज सेवा में आगे आना चाहिए ,बासनी के हाफिज अल्लाबख्श और मेड़ता सिटी शहर काजी अकरम उस्मानी ने भी समाज में फैली हुई कुरीतियों और फिजूलखर्चियों को खत्म करने पर जोर दिया और कहा कि दहेज, मृत्यु भोज, शादियों में नाच गान जैसी फिजूल खर्चियों को रोकने के लिए समाज के अग्रणी लोगों को आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर मदरसे के होनहार विद्यार्थियों ने भी अपने प्रोग्राम पेश किए, नातिया कलाम भी पेश किए गए,इस अवसर पर कौम के भामाशाहों की ओर से दावत का इंतजाम भी किया, इस मौके पर उपस्थित महानुभावों ने अपनी ओर से आर्थिक सहयोग भी किया, कार्यक्रम के अंत में देश में अमन, चैन ,शांति, खुशहाली की दुआएं की गई। इस अवसर पर गांव रूण सहित आसपास के काफी गांवों के मौलाना,नात ख्वां, विद्वान और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन -गांव रूण में कार्यक्रम में उपस्थित मौलाना हजरात

Author: Aapno City News




