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सरस्वती वंदना, भजन व काव्य-पाठ से गुंजा परिसर, साहित्यकारों ने बसंत ऋतु व विद्या उपासना पर रखा विचार

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मेड़तासिटी (तेजाराम लाडणवा)

बसंत पंचमी महोत्सव के उपलक्ष्य में मीरां शोध संस्थान परिसर में साहित्यिक संगोष्ठी एवं सरस्वती पूजन का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती उमा शर्मा व रजत उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कालू खाँ देशवाली ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन व पूजन-अर्चन से हुई। इस दौरान उपस्थित साहित्यकारों ने बसंत आगमन और विद्या उपासना के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्रीमती रजत ने विद्या की देवी मां सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भजन प्रस्तुति से कार्यक्रम में माधुर्य भर दिया।
अध्यक्ष डॉ. कालू खाँ देशवाली ने बसंत ऋतु की महिमा व प्रकृति की सृजनशीलता का वर्णन करते हुए मां सरस्वती के विशेष योगदान पर सारगर्भित वक्तव्य दिया। सचिव नंदू श्री मंत्री ने बसंत पंचमी के सांस्कृतिक व सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
शोध संस्थान अध्यक्ष श्यामसुंदर सिखावल ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा अपनी एक मार्मिक रचना की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित साहित्य प्रेमियों की सराहना मिली।
इस अवसर पर स्मारक प्रबंधक नरेंद्र सिंह शेखावत, दीपक राखेचा, सत्यनारायण सुथार, राजू सा जोशी, पारस राखेचा, छोटूराम बोराणा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी प्रकाशचंद्र व्यास ने किया।

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