

मेड़ता सिटी ( तेजाराम लाडणवा )
बीती रात मेड़ता शहर उस समय सहम गया, जब बाइक पर सवार असामाजिक तत्वों ने सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित इलाकों को अपना निशाना बनाकर खुलेआम दहशत फैला दी। नन्हा बाजार, पुष्करणा भवन, माहेश्वरी भवन से लेकर जोधपुर चौकी तक बाइकर गैंग ने सुनियोजित तरीके से गलियों में घुसकर खड़ी गाड़ियों पर पत्थरों और भारी औजारों से हमला किया। देखते ही देखते चार से अधिक लग्जरी वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए।
इन बदमाशों ने उन्हीं इलाकों को चुना, जहां रिहायशी और व्यापारिक गतिविधियां सबसे अधिक रहती हैं। जोधपुर चौकी जैसे संवेदनशील क्षेत्र के पास इस तरह की वारदात ने यह जता दिया कि अपराधियों के मन में अब कानून का कोई खौफ नहीं बचा। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसमें बाइक सवार युवक तेजी से वारदात को अंजाम देकर फरार होते नजर आ रहे हैं।
सुबह होते ही पीड़ित वाहन मालिकों और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग मेड़ता थाने पहुंचे और क्षतिग्रस्त गाड़ियों की तस्वीरें व फुटेज पुलिस को सौंपी। पीड़ितों का कहना था—
“लाखों रुपए की गाड़ियां अब अपने ही घर के बाहर सुरक्षित नहीं रहीं, तो आम आदमी खुद को कैसे महफूज माने?”
यह घटना मेड़ता पुलिस की रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है। नागरिकों ने स्पष्ट मांग रखी कि केवल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि आरोपियों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तारी हो और उनसे नुकसान की भरपाई भी करवाई जाए।
शहरवासियों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है—यदि इस अवधि में बदमाशों को नहीं पकड़ा गया, तो व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है।
मेड़ता अब जवाब चाहता है—
क्या शहर की रातें यूं ही अपराधियों के हवाले रहेंगी, या कानून फिर से अपना भय स्थापित करेगा?


Author: aapnocitynews@gmai.com





