
मेड़ता सिटी (तेजाराम लाडणवा)



मीरा नगरी मेड़ता सिटी स्थित मूलदास बाकेदास बांग्ला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। विशेष रूप से सजाए गए पंडाल में बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महिलाओं व पुरुष श्रद्धालुओं ने झूम-झूमकर भजन–नृत्य किया और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रवचन के दौरान संत प्रभुजी नागर ने कहा कि राजयोग हर व्यक्ति के भाग्य में नहीं होता, लेकिन राम योग हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध है, आवश्यकता केवल उसे अपनाने की है। उन्होंने कहा कि राम योग को प्रबल करने के लिए मेहनत, साधना और निरंतर कथा श्रवण आवश्यक है, और जो व्यक्ति नियमित रूप से कथा में आता है, उसका राम योग स्वतः प्रबल हो जाता है।
प्रश्नोत्तर प्रसंग में संत ने कहा कि ईमानदारी और निर्मल मन से बड़ी कोई तपस्या इस धरती पर नहीं है। उन्होंने नाम-स्मरण का महत्व बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का नाम लेता है, उसका भवसागर निश्चित रूप से पार हो जाता है।

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