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भारत डमरू का देश है, DJ का नहीं, तृतीय दिवस उमड़ा मेड़तासिटी में भागवत कथा का तृतीय दिवस, प्रभुजी नागर के प्रवचनों से गूंजा पंडाल

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श्रीमद् भागवत कथा
हनुमान–अर्जुन संवाद से रामायण और महाभारत का संगम
प्रभुजी नागर ने दिया गूढ़ संदेश, बोले—भारत डमरू का देश है, DJ का नहीं


मेड़ता सिटी ( तेजाराम लाडणवा)
मीरा की जन्मस्थली मेड़ता सिटी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथावाचक मालवा माटी के संत प्रभुजी नागर ने हनुमान और अर्जुन के संवाद के माध्यम से रामायण और महाभारत को एक सूत्र में पिरोते हुए श्रद्धालुओं को गूढ़ आध्यात्मिक संदेश दिया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्ति व श्रद्धा से सराबोर हो गया।
प्रभुजी नागर ने प्रवचन के दौरान कहा कि
“हमारा भारत देश डमरू का देश है, DJ का देश नहीं।”
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भक्ति, साधना और संगीत आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम है, जबकि दिखावे और शोर से संस्कृति कमजोर होती है।
कथा के दौरान प्रभुजी नागर ने मीरा भक्ति पर आधारित भजन—
“पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे, राणा जी म्हारे पंथ विघ्न मत डारे रे…”
गाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।
उन्होंने भक्त नरसी मेहता का उदाहरण देते हुए कहा कि
“एकमात्र भक्त नरसी जी ने भगवान को ‘सेठ’ नाम दिया था, और आज उसी सांवरिया सेठ ने गली-गली में सेठ बना दिए।”
इस कथन के माध्यम से उन्होंने भक्ति की शक्ति और ईश्वर की कृपा का महत्व बताया।
प्रभुजी नागर ने संत संग की महिमा बताते हुए कहा—
“संतों के संग लग रे, तेरी बिगड़ी बनेगी।”
साथ ही उन्होंने “वंदन है गुरुदेव चरण में वंदन” भजन प्रस्तुत कर गुरु महिमा का वर्णन किया।
कथा स्थल पर विशेष आकर्षण का केंद्र मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से आए लगभग 300 आदिवासी महिला-पुरुष श्रद्धालु रहे। प्रभुजी नागर को अपना आराध्य मानने वाले ये श्रद्धालु लगातार भजनों की प्रस्तुति दे रहे हैं, जिससे कथा परिसर पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है।
मुख्य आयोजक जुगलकिशोर अग्रवाल ने बताया कि कथा के प्रत्येक दिवस श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रभुजी नागर के प्रवचनों से धर्म, संस्कृति और भारतीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि श्रीमद् भागवत कथा 5 से 11 जनवरी तक मूलराज बांकीदास बंगला परिसर, मेड़ता सिटी में आयोजित हो रही है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है।

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