
फुलेरा (दामोदर कुमावत)
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) भंवर लाल बुगालिया जयपुर जिला के निर्देशानुसार इस साल की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का कोई आयोजन रविवार को न्यायालय परिसर सांभर लेक में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्र.सं. 1 अरविन्द कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में किया गया।

ए.डी.जे.-1 जांगिड़ ने लगभग 9 वित्तिय संस्थाओं के 63 प्री लिटिगेशन प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए सुलहवार्ता कर वादी व प्रतिवादी के बीच सुलह करवाई। जिसमें वित्तिय संस्थाओं बैंकों, विद्युत विभाग व अन्य वित्तीय संस्थाओं के काफी पुराने प्रकरणों के 63 प्री लिटिगेशन प्रार्थना पत्र निस्तारित हुए। सचिव तालुका विधिक सेवा समिति रणजीत सिंह राठौड़ व लिगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए सांभर लेक न्याय क्षेत्र में अवस्थित न्यायालयों के लिए अलग-अलग बैंचों का गठन किया गया है।

प्रथम बैंच नंबर 10 न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्र.सं. 1/2 व प्री-लिटिगेशन की पत्रावलियों
के लिए गठित की गई थी। जिसकी अध्यक्षता ए.डी.जे.-1, अरविन्द कुमार जांगिड़ द्वारा की गई व सदस्य अधिवक्ता तेजपाल कुमार प्रजापत रहे। न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सांभर लेक, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, ग्राम न्यायालय सांभर लेक के न्यायालयों व राजस्व प्रकरणों के संबंध में द्वितीय बैंच संख्या 11 गठित की गयी जिसकी अध्यक्षता डॉ० ऋचा कौशिक वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सांभर लेक द्वारा की गई व राजस्व अधिकारी/ उप खण्ड अधिकारी ऋषि राज कपिल, सांभर लेक व सदस्य अधिवक्ता नितेश जांगिड़ उपस्थित रहे। तालुका विधिक सेवा समिति सांभर लेक के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1979 प्रकरणों का आपसी राजीनामें के जरिए निस्तारण करवाया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के 10 प्रकरणों में राजीनामें से फैसला दिया गया। मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण के मामलों में अदालत की ओर से 1,01,00,000/– रुपए का अवार्ड पारित किया गया।

इसके अलावा राजस्व विवाद से संबंधित 1790 प्री लिटिगेशन से संबंधित (सीमा ज्ञान, पत्थरगढ़ी, जमा बंदी रिकार्ड शुद्धी, नामांतरण, रास्ते का अधिकार, सुखाचार एवं डिवीजन आफ होल्डिंग सहित) प्रकरण निस्तारित हुए । लोक अदालत में कुल3,13,01,715/- अक्षरें (तीन करोड़ तैरह लाख एक हजार सात सौ पन्द्रह रुपए) के अवार्ड पारित किए गए इस मौके पर बार एसोसिएशन क अध्यक्ष गिरीश नागू और अधिवक्तागण मौजूद रहे।

Author: aapnocitynews@gmai.com





