
मेडतासिटी (तेजाराम लाडणवा)
जिला बार मेड़ता के अध्यक्ष पद का चुनाव अब केवल प्रत्याशियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह समीकरणों और रुझानों की दिलचस्प जंग बनता जा रहा है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि और मतदाताओं के झुकाव से मुकाबला दिन-ब-दिन रोचक होता जा रहा है।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पुरखाराम भवरिया पूर्व में भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके हैं और महज एक मत से हार का सामना करना पड़ा था। उस करीबी हार का असर इस बार के चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। युवाओं और मतदाताओं के एक वर्ग में पुरखाराम भंवरिया के समर्थन में रुझान दिखाई दे रहा है, जिससे चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है।
बार चुनाव में ब्राह्मण, राजपूत और जाट एससी एसटी समुदाय के मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है। वर्तमान चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवार जाट समाज से, एक ब्राह्मण समाज से और एक मुस्लिम समुदाय से मैदान में हैं। इसी कारण यह मुकाबला और अधिक दिलचस्प बन गया है।
चर्चाओं में यह बात भी जोर पकड़ रही है कि यदि ब्राह्मण समुदाय का संगठित समर्थन मिला, तो जगदीश सारस्वत के अध्यक्ष बनने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। वहीं जाट समाज के भीतर मतों का विभाजन होने की स्थिति में परिणाम चौंकाने वाले भी हो सकते हैं।
कुल मिलाकर जिला बार मेड़ता का अध्यक्ष पद अब प्रतिष्ठा, समीकरण और रणनीति की लड़ाई बन चुका है, जिसका फैसला मतदान के दिन ही होगा।

Author: aapnocitynews@gmai.com





