
रूण फखरुद्दीन खोखर
भागवत कथा में उमड़ रहे हैं श्रद्धालु
रूण-मनुष्य का परम धर्म है भगवान के चरणों में निष्काम भाव से समर्पित होकर प्रेम भक्ति करना, इसी प्रकार जीव जंतुओं की सेवा के साथ-साथ गौ माता की सेवा करना अत्यंत जरूरी है, यह विचार कथावाचक चेतन राम महाराज ने गांव चिताणि की गौशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कही,

इस मौके पर इन्होंने राजा परीक्षित का किस्सा सुनाते हुए कहा कि हमारा मरना जीना राजा परीक्षित की तरह होना चाहिए जिन्होंने सदा जीवन में परोपकार किया।

इसी प्रकार इन्होंने सुखदेव जन्म कथा, भीष्म पितामह कथा सुनाई और पांडव प्रसंग बताया, उन्होंने कहा कि हमें अपने हाथों से दान करते रहना चाहिए, समय का कोई भरोसा नहीं है कब पलटी मार जाता है, इसीलिए दिया और लिया ही संग चलेगा ,हमें जीवन में छल कपट को त्याग कर प्रेम की गंगा बहाते रहना चाहिए ।

इसी प्रकार दुनियादारी के काम करते हुए हमें हरि भजन करने से रूकना नहीं चाहिए । कथा के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियों के साथ-साथ सजीव झांकियां भी श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। इस मौके पर गांव चिताणी सहित आसपास के गांवो के काफी संख्या में श्रद्धालु भागवत कथा आयोजन में पहुंच रहे हैं। गोसेवा हितार्थ होने वाली इस भागवत कथा के तहत रात्रि में रोजाना दो घंटे नानी बाई मायरा का भी वाचन होता है।

Author: Aapno City News





